रायगढ़ । जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रातः 11 बजे प्रारंभ हुई बैठक में कानून व्यवस्था से जुड़े 16 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान नशा मुक्ति अभियान की प्रगति पर विशेष फोकस किया गया। कलेक्टर ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल है, इसलिए इसे गंभीरता से लेते हुए बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। विशेषकर नाबालिगों, जो नशीली दवाइयों की चपेट में आ चुके हैं, उनकी नियमित काउंसिलिंग कर उन्हें पुनर्वास कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि नशा छोड़ चुके और समाज में सकारात्मक जीवन जी रहे व्यक्तियों को रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और जनभागीदारी बढ़े। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को मेडिकल स्टोर्स में प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध बिक्री पर कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जिले में चिन्हांकित 16 ब्लैक स्पॉट की बिंदुवार समीक्षा की गई। छातामुड़ा चौक, पटेलपाली, कोड़ातराई, उर्दना तिराहा, जोरापाली, कांशीचुंआ, मुरा चौक, नावापारा चौक, कुनकुरी, सिंसरिंगा घाट, कंचनपुर, दर्रीपारा, फगुरम, देवगढ़, तेतला एवं चोढ़ा को दुर्घटना संभावित स्थल के रूप में चिन्हांकित किया गया है। इन स्थानों पर हाई मास्ट लाइट, सांकेतिक बोर्ड, रेडियम संकेतक, स्पीड रडार गन, मार्गदर्शक बोर्ड एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय आगामी बैठक तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर पेट्रोलिंग और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में हिट एंड रन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों में शीघ्र प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। जानकारी दी गई कि तहसील स्तर पर 38 प्रकरण लंबित हैं, 11 प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं, राशि भुगतान से संबंधित 42 प्रकरण लंबित हैं तथा 2 प्रकरणों में भुगतान किया जा चुका है। अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। अजा/अजजा (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दाण्डिक प्रकरणों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष बल दिया गया।
आगामी होली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही धरना, प्रदर्शन, रैली एवं सभा के आयोजन पूर्व वैधानिक अनुमति की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं के दौरान न्यायालयीन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। जिला जेल से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान बंदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, कौशल विकास प्रशिक्षण, योग एवं सुधारात्मक गतिविधियों के संचालन पर बल दिया गया। बंदियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई। इसके अतिरिक्त औद्योगिक सुरक्षा की मॉनीटरिंग, अवैध उत्खनन पर संयुक्त कार्रवाई, आबकारी अधिनियम के प्रकरणों की समीक्षा, नशीली दवाइयों एवं अवैध शराब पर रोकथाम, पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत वाहन जप्ती, चिटफंड मामलों में प्रगति, पीएम रिपोर्ट एवं हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट के क्रियान्वयन तथा अभियोजन स्वीकृति के लंबित प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के अंत में कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जिले में शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखें। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, श्री रवि राही, डॉ प्रियंका वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी ,नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा सहित सभी एसडीएम, संबंधित विभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।









