जांच से लेकर निःशुल्क दवाई तक सब कुछ एक ही छत के नीचे
रायगढ़ । सुदूर वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली बिरहोर जनजाति के लिए अब स्वास्थ्य सेवाएं दूर नहीं रहीं। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन योजना) के अंतर्गत जिले में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे गांव-गांव तक पहुंचाकर एक नई मिसाल पेश की है।
राज्य स्तर से बिरहोर जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से चार मोबाइल मेडिकल यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं। इन यूनिट्स को धरमजयगढ़, घरघोड़ा, लैलूंगा और तमनार विकासखंडों में संचालित किया जा रहा है, जिससे सुदूर ग्रामों में निवासरत जनजातीय परिवारों को उनके घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में एक चिकित्सक, स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन तथा वाहन चालक की सुविधा उपलब्ध है। ये टीमें तय रोस्टर के अनुसार माह में 26 दिनों तक क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों में पहुंचकर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सेवाएं प्रदान कर रही हैं। प्रतिदिन 20 से 30 मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिससे लोगों को समय पर इलाज मिल रहा है। इन यूनिट्स के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य परामर्श के साथ-साथ ब्लड प्रेशर, शुगर, मलेरिया, टाइफाइड, हीमोग्लोबिन, प्रेग्नेंसी जांच एवं ब्लड ग्रुप जैसी विभिन्न जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मार्च माह में 4 हजार से अधिक मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया गया। इस दौरान 2318 मरीजों की बीपी जांच, 1768 मरीजों की रक्त जांच की गई तथा 4632 मरीजों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। वहीं फरवरी माह में भी 2 हजार से अधिक लोगों को इन सेवाओं का लाभ मिला। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ा रही है, बल्कि जनजातीय समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी ला रही है। अब बिरहोर जनजाति के लोग समय पर जांच और उपचार प्राप्त कर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।









