कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की 354वीं जनसुनवाई का आयोजन कोरबा जिले में किया गया, जहां यह 11वां जिला-स्तरीय शिविर था। जनसुनवाई में कुल 35 मामले प्रस्तुत हुए, जिनमें 13–14 मामलों की तत्काल सुनवाई की गई। शेष मामलों की सुनवाई दोनों पक्षों की उपस्थिति के बाद आगे की कार्यवाही के लिए तय की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान शराबबंदी के मुद्दे पर महिला आयोग ने कहा कि शराब से सबसे अधिक पीड़ा महिलाओं को सहनी पड़ती है, और इसे बंद करने की मांग वर्षों से उठ रही है। इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार पूर्णतः राज्य सरकार का है।
महिला आयोग ने बताया कि महिलाओं की तरह कुछ पुरुष भी घरेलू प्रताड़ना झेलते हैं। ऐसे मामलों में पुरुष सीधे शिकायत दर्ज नहीं करा सकते, लेकिन उनके परिवार की कोई महिला सदस्य आयोग में आवेदन प्रस्तुत कर सकती है। आयोग ऐसे मामलों की भी सुनवाई करता है और समाधान निकालता है।
महिला आयोग को आवारा कुत्तों को भोजन कराने को लेकर भी शिकायत प्राप्त हुई थी। आयोग ने दोनों पक्षों को समझाइश देते हुए कहा कि भोजन देने के समय और स्थान का ध्यान रखना आवश्यक है, क्योंकि इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।
आयोग ने बताया कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने भी सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से रिपोर्ट तलब की है, इसलिए आम नागरिकों को भी नियमों का सम्मान करते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।








