रायगढ़। जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र जतन (डीईआईसी), रायगढ़ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा के रूप में कार्य कर रहा है। केंद्र की स्थापना 13 फरवरी 2016 को की गई थी। यहां उन बच्चों को विशेष सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिन्हें विकासात्मक देरी, शारीरिक, श्रवण, वाणी अथवा सीखने संबंधी समस्याओं के कारण विशेष उपचार की आवश्यकता होती है।
जतन डीईआईसी की कार्यप्रणाली सामान्य अस्पताल से भिन्न है। केंद्र को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यह प्ले-स्कूल जैसे सहज और अनुकूल वातावरण में संचालित हो, जिससे बच्चे बिना डर या तनाव के उपचार प्रक्रिया से जुड़ सकें। इसी कारण बच्चे स्वयं उत्साहपूर्वक उपचार के लिए केंद्र में उपस्थित होते हैं।
स्थापना से लेकर अब तक केंद्र द्वारा 19 हजार 683 बच्चों का विभिन्न स्तरों पर परीक्षण, मूल्यांकन एवं उपचार किया जा चुका है। जतन डीईआईसी में शिशुरोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, विशेष शिक्षक, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, ऑप्टोमेट्रिस्ट, नर्स, पैथोलॉजी, समाजसेवक एवं काउंसलर की सेवाएं पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेष शिक्षा के माध्यम से बच्चों में विकासात्मक देरी का आकलन कर उपचार किया जाता है। वर्तमान में बच्चों में मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न लर्निंग प्रॉब्लम, देर से बोलने की समस्या और ऑटिज्म जैसे लक्षणों के मामलों में भी नियमित रूप से सेवाएं दी जा रही हैं।
जीभ जुड़ने (टंग-टाई) की समस्या से ग्रसित बच्चों को दंत चिकित्सा विभाग द्वारा फ्रेनेक्टमी पद्धति से उपचारित किया जा रहा है, जिससे अब तक लगभग 260 बच्चे लाभान्वित हुए हैं। श्रवण संबंधी समस्याओं के लिए ऑडियोलॉजी विभाग में बीईआरए टेस्ट एवं पीटीए टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है, जो दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं कॉक्लियर इम्प्लांट प्रक्रिया के लिए आवश्यक होती है। वहीं फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा शारीरिक रूप से बाधित बच्चों के उपचार एवं पुनर्वास का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इस योजना का क्रियान्वयन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” की परिकल्पना के अनुरूप जतन डीईआईसी में सेवाओं का निरंतर सुधार एवं विस्तार किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध हो सके। जतन जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र रायगढ़ जिले में विशेष बच्चों के लिए एक सशक्त, समर्पित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधा के रूप में लगातार कार्यरत है।









