कल देर शाम रायगढ़ जिला टेलर मलिक कल्याण संघ के पदाधिकारी एवं सदस्यों के साथ उड़ीसा के कुछ ट्रांसपोर्टर एवं गाड़ी मालिकों के द्वारा कातिलाना हमला किया गया जिसको लेकर यूनियन के अध्यक्ष मैं आशीष यादव ने तमनार थाना प्रभारी को आवेदन दिया है जिस पर उन्होंने लिखा कि दिनांक 18.01.2026 को मैं अपने संघ के अन्य साथियों के साथ हमीरपुर बॉर्डर इंडियन ऑयल मिश्रा पेट्रोल पंप के पीछे स्थित यूनियन कार्यालय में बैठकर वाहनों के सुचारू संचालन के संबंध में आपसी विचार विमर्श कर रहा था। उसी समय शाम लगभग 4.45 बजे से 5.00 बजे के बीच अचानक घनश्याम उर्फ बंटी डालमिया गोपाल गोयंका धीरेंद्र प्रधान विपिन अग्रवाल धनी मित्तो तेजराम तथा उनके साथ आए लगभग 100-140 अन्य अज्ञात व्यक्ति एकजुट होकर वहाँ पहुँचे।
उक्त सभी व्यक्ति रिवॉल्वर पिस्टल तलवार लकड़ी की हॉकी डंडे एवं किसी जहरीली व ज्वलनशील स्प्रे से लैस थे। उन्होंने हमारे कार्यालय के सामने हमें चारों ओर से घेर लिया और माँ. बहन की अत्यंत अश्लील मां बहन की गालियाँ देते हुए तुम छत्तीसगढ़ वालों को अपने आप को बहुत बड़ा समझते हो क्या कहते हुए जबरन कार्यालय में घुस गए। इसके पश्चात उन्होंने हम सभी की आँखों में स्प्रे किया कॉलर पकड़कर बाहर सड़क पर घसीटा तथा पटक. पटक कर बेरहमी से मारपीट की।
इस घटना में हमारे निम्नलिखित साथियों को गंभीर चोटें आईं शंकर अग्रवाल, प्रभाशंकर , सुभाष पांडेय, संजय अग्रवाल मा बंजारी ट्रांसपोर्ट, सतीश कुमार चौबे
मारपीट लूटपाट उपरांत जाते जाते घनश्याम उर्फ बंटी डालमिया द्वारा हमारे यूनियन कार्यालय में रखी हुई 4 टोकन एवं लगभग ₹15000 पंद्रह हजार रुपये नकद को जबरन लूटकर ले जाया गया। हम सभी लोग आरोपियों के चंगुल में बुरी तरह फँस गए थे। इसी दौरान आरोपियों ने घटनास्थल से लगभग 100 150 मीटर की दूरी बनाकर हमें चारों ओर से घेर लिया और हमें बंधक जैसी स्थिति में रखा। जब पुलिस वाहन के वहाँ पहुँचने की संभावना उन्हें हुई तो वे सभी हमें पुनः जान से मारने की धमकी देते हुए वहाँ से हटकर बॉर्डर के अंदर लगभग 1 किलोमीटर दूर जाकर खड़े हो गए। शिकायत में लिखा गया हैं कि घनश्याम उर्फ बंटी डालमिया एक गंभीर आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। जिसके विरुद्ध पूर्व में जिला सुंदरगढ़, ओडिशा में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। कुछ प्रकरणों में वह जेल भी जा चुका है जबकि अन्य प्रकरण अभी भी विचाराधीन हैं। इन्हीं कारणों से वह सुंदरगढ़ से भागकर वर्तमान में छत्तीसगढ़ क्षेत्र में रह रहा है।
यह युक्तियुक्त एवं गंभीर आशंका है हमारे संघ के अन्य साथियों के साथ जिनकी गाडियाँ वर्तमान में ओडिशा में फँसी हई हैं किसी भी समय कोई अप्रिय गंभीर एवं हिंसक घटना कारित कर सकते हैं।
यूनियन ने निवेदन है कि कृपया हमारी इस लिखित शिकायत को तत्काल दर्ज कर समस्त दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें लूटे गए सामान एवं नकदी की बरामदगी कराई जाए तथा जो लोग अभी भी ओडिशा में फँसे हुए हैं उन्हें उचित पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
यूनियन के अध्यक्ष आशीष यादव, संरक्षक सतीश चौबे, गुलाब अग्रवाल, संजय अग्रवाल, सुरेन्द्र बंसल, गोपाल पांडे,पितेश बेहरा,संजय पटनायक,द्वारा यह भी बताया गया है कि कल जो घटना घटित हुई है वह कुछ दिन पूर्व आपसी समझौते में जो 67 एवं 33% की बात हुई थी उसमें उड़ीसा के गाड़ी मालिकों एवं ट्रांसपोर्टर द्वारा छत्तीसगढ़ के गाड़ी मालिकों के साथ उड़ीसा की खदानों में फिर से दादागिरी और अवैध वसूली चालू कर दी गई थी एवं वहां पर छत्तीसगढ़ की गाड़ियों को अनुपातिक समझौते के अनुसार लोडिंग प्रदान नहीं किया जा रहा था। इस विषय को लेकर हम वहां पर बात करने के लिए टपरिया बार्डर पर इकठ्ठा हुए थे थे परंतु वहां पर पूर्व योजना निर्धारित कार्यक्रम अनुसार उड़ीसा के गाड़ी मालिकों एवं ट्रांसपोर्टों आ गए और हमारे साथ जबरन मारपीट लूटपाट गई गलौज की गई। रायगढ़ यूनियन के सदस्यों ने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यूनियन के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी वसूली किसी भी रूप में नहीं की जाती है जो भी फंड इकट्ठा किया जाता है वह पहले पूरे यूनियन के सदस्य द्वारा आपसी सहमति से तय किया जाता है किस प्रकार से यूनियन की सारी गतिविधियां के लिए फंड इकट्ठा किया जाए और उसके लिए किस रूप में प्रति गाड़ी के हिसाब से फंड इकट्ठा किया जाए। हमारे द्वारा टोकन सिस्टम जो की यूनियन की आपसी सहमति से नियमानुसार लिया जाता है जिससे कि यूनियन का कार्य सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने आगे बताया कि रायगढ़ यूनियन हमेशा ही रायगढ़ के सामाजिक कार्यों मैं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है और सदैव शासन प्रशासन के दिशा निर्देश अनुरूपी कार्य करती है।









