मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ में खपाने के लिए अवैध तरीके से लाया जा रहा धान से भरा पिकअप वाहन को प्रशासनिक टीम की मुस्तैदी में पकड़ा गया। गुरुवार की देर शाम संयुक्त टीम ने तहसीलदार शेष नारायण जायसवाल के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध धान से भरा पिकअप वाहन घुसरिया गांव के पास जप्त किया। वाहन चालक घेराबंदी देखते ही मौके से फरार हो गया।वाहन को मरवाही पुलिस के सपुर्द कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में धान की खरीदी शुरू होने के साथ अवैध धान की तस्करी भी बड़े पैमाने में चलती है और सीमावर्ती मध्यप्रदेश से भारी मात्रा में अवैध धान छत्तीसगढ़ लाया जाता है।।कल देररात भी सूचना मिली कि एक पिकअप वाहन से मध्यप्रदेश का धान छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है पिकअप वाहन मध्यप्रदेश के अनुपपुर जिले के खालबहरा क्षेत्र से जंगल पार कर छत्तीसगढ़ के निमधा पहुचेगा प्रशासन को इसकी गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद संयुक्त टीम अलर्ट हुई और जैसे ही धान से भरा पिकअप वाहन छत्तीसगढ़ की सीमा में पहुचा तो टीम ने पीछा शुरू किया और वाहन को रोकने की कोशिश की वाहन चालक बार-बार दिशा बदलकर टीम को चकमा देने की कोशिश करता रहा, लेकिन लगभग 15 से 20 किलोमीटर तक लगातार पीछा करने के बाद टीम ने घुसरिया गांव के पास वाहन को रोकने में सफलता मिली।
पर वाहन रुकते ही चालक अंधेरा का फायदा उठाकर धान से भरा पिकअप को सड़क में ही छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। टीम ने वाहन की जांच की तो उसमें बड़ी मात्रा में अवैध धान भरा हुआ मिला, जिसकी कोई दस्तावेजी पुष्टि उपलब्ध नहीं थी।
शेष नारायण जायसवाल के नेतृत्व में की गई इस संयुक्त कार्रवाई में प्रशासनिक अमला भी सक्रिय रूप से शामिल रहा। मौके पर पंचनामा तैयार कर पिकअप वाहन और उसमें भरा धान जप्त किया गया तथा आगे की कार्रवाई के लिए वाहन को मरवाही पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
प्रशासन ने साफ किया है कि मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ में अवैध धान की आवक रोकने के लिए सीमा क्षेत्रों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। लगातार गश्त, चेकिंग और संयुक्त टीमों की कार्रवाई से तस्करी पर सख्ती जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










