August 2, 2026

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रायगढ़ पुलिस को तमनार के चर्चित दोहरे हत्याकांड में मिली महत्वपूर्ण सफलता , चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा 20 साल के संघर्ष का असर! पीडब्ल्यूडी के आश्वासन के बाद खुला चक्का जाम, 15 अगस्त तक सड़क को चलने योग्य बनाने का वादा स्मार्ट मीटर हटाओ” अभियान का आगाज़, उपभोक्ताओं का फूटा आक्रोश – “यह स्मार्ट नहीं, बिजली बिल की लूट का मीटर है” महलोई में ग्रामीण पर हत्या की नीयत से टंगिया से वार, आरोपी को पुलिस ने चंद घंटों में किया गिरफ्तार, पत्नी के लापता होने के शक पर आरोपी ने बुजुर्ग पर टंगिया से किया था जानलेवा हमला सांप के काटने से दो मौत, एक का इलाज जारी, बीती रात की घटना, परिजनों में पसरा मातम गोलीकांड में बड़ा फैसला: महिला हत्याकांड के दोषी भाई-बहन को उम्रकैद, पुराने विवाद ने ली थी जान
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शव दफन को लेकर शुरू हुए विवाद पर लगा विराम, प्रशासन ने दिखाई सख्ती, गाँव में हुए धर्मांतरण मामले का हुआ पटपेक्ष

 

जगदलपुर, नारायणपुर जिले के ग्राम बोरपाल में कुछ दिन पहले शव दफन को लेकर चल रहे विवाद में आखिरकार विराम लग गया, जहाँ प्रशासन ने काफी कोशिशों के बाद शव का दफन करवा मामले को शांत कराया,
बता दे कि पिछले 4 दिन से नारायणपुर जिले के ग्राम बोरगांव में तनाव का माहौल देखने को मिल रहा था, जहाँ आदिवासी समुदाय और धर्मांतरित ईसाई समुदाय के बीच माहौल तनाव का बन गया था, गाँव मे रहने वाले बिरसिंग कुमेटी के पिता की मौत 11 जनवरी को हुआ, जहाँ परिवार के लोगो ने ईसाई रीति रिवाज में उसका कफ़न दफन कर दिया, इस मामले की जानकारी गाँव मे लगते ही विवाद की स्थिति पैदा हो गई है,
नारायणपुर जिले के बोरपाल गांव में ईसाई समुदाय में शामिल हुए एक परिवार के शव दफनाने को लेकर चल रहे विवाद को आपसी सहमति और बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया, इस दौरान ग्राम पंचायत बोरपाल के आदिवासी समाज द्वारा जन आक्रोश रैली और धरना प्रदर्शन भी किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज प्रमुख और पदाधिकारी शामिल हुए,
कुछ दिन पहले इसी तरह कांकेर जिले के आमाबेड़ा में पूर्व में हुई घटना को देखते हुए प्रशासन द्वारा गांव में कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरे घटनाक्रम के दौरान शांति बनी रही, बोरपाल मे धरना प्रदर्शन के बाद गांव में समाज की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आदिवासी समाज के वरिष्ठजनों ने ईसाई समुदाय में शामिल हुए वीरसिंह के परिवार को समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करने और पुनः समाज से जुड़ने की सलाह दी, इस पर वीरसिंह के परिवार ने आदिवासी समाज की परंपराओं का पालन करने और समाज में वापसी करने की सहमति जताई, इसके पश्चात समाज के गायता पटेल द्वारा माटी पूजा कराई गई और तिलक लगाकर परिवार का सम्मानपूर्वक समाज में पुनः स्वागत किया गया, इस दौरान वीरसिंह ने कहा कि उनका पूरा परिवार अब पुनः अपने आदिवासी समाज में लौट आया है और गांव के नियम, धर्म व परंपराओं का पालन करते हुए सभी के साथ मिल-जुलकर रहेगा, पिछड़ा वर्ग समाज के अध्यक्ष गुलाब बघेल ने इस घटनाक्रम को आपसी समझ और सामाजिक सौहार्द का उदाहरण बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से एक परिवार की घर वापसी हुई है और उन्होंने अपनी आदिवासी परंपरा के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने का संकल्प लिया है। वहीं समाज के युवा सदस्य मंगऊ राम ने बताया कि वीरसिंह का परिवार पहले आदिवासी समाज से ईसाई समुदाय में शामिल हुआ था और 10 जनवरी को वीरसिंह के पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर मतभेद उत्पन्न हुए थे। ग्रामीणों द्वारा समझाइश देने के बाद परिवार ने समाज में वापसी का निर्णय लिया, जिसका आज पूरे गांव ने स्वागत किया।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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