बलरामपुर। झारखंड के लातेहार जिले में रविवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। महुआडांड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत सस्ता ओरसा घाटी में दोपहर करीब तीन बजे ब्रेक फेल होने से एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 82 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया।
ढलान पर फेल हुआ ब्रेक, घाटी में पलटी बस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस सस्ता ओरसा घाटी से गुजर रही थी। इसी दौरान तेज ढलान पर अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए। चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क किनारे पलट गई। पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जबकि कुछ लोग बस के नीचे दब गए।
स्थानीय ग्रामीणों ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
मौके पर पांच की मौत, इलाज के दौरान चार ने तोड़ा दम
हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चार यात्रियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सभी मृतक छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
बस में सवार सभी यात्री छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के महाराजगंज गांव से महुआडांड़ के लोध गांव जा रहे थे। वहां राकेश सोनवानी के घर लड़के का पारंपरिक “छेका” (शादी से पूर्व की रस्म) कार्यक्रम आयोजित था।
बस में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवक बड़ी संख्या में सवार थे। खुशियों से भरी यह यात्रा कुछ ही पलों में मातम में बदल गई। दुर्घटनाग्रस्त वाहन एक स्कूल बस थी, जिसकी बैठने की क्षमता केवल 52 यात्रियों की थी, लेकिन उसमें 90 से अधिक लोग सवार थे।
बस का पंजीकरण नंबर CG 15 AB 0563 है और यह ज्ञान गंगा हाई स्कूल के नाम पर रजिस्टर्ड है।
स्कूल बस का निजी कार्यक्रम में उपयोग करना मोटर वाहन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। ओवरलोडिंग के कारण बस का संतुलन बिगड़ा और ब्रेक फेल होने की स्थिति में हादसा और भी भयावह हो गया। हादसे के बाद घायलों को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ और आशा कामलेल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद 52 से अधिक गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची, लातेहार और गुमला के अस्पतालों में रेफर किया गया है। कई घायलों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ विपिन कुमार दुबे, एसडीपीओ शिवपूजन उरांव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है और चालक, बस मालिक व आयोजकों की भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि यह बस छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, कुसमी, सामरी और झारखंड के महुआडांड़ थाना क्षेत्र से होकर करीब 40 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी, लेकिन किसी भी थाना क्षेत्र में न तो बस को रोका गया और न ही उसकी जांच की गई।
इससे पुलिस और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मोटर वाहन अधिनियम का खुला उल्लंघन धारा 66: वाहन का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए धारा 113 व 194ए: ओवरलोडिंग दंडनीय अपराध धारा 192ए: बिना वैध परमिट वाहन चलाने पर सजा व जब्ती, इन सभी नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए बस को निजी कार्यक्रम में लगाया गया, जो इस हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
प्रशासन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बस को निजी उपयोग में किसके आदेश पर लगाया गया,
माना जा रहा है कि जांच के बाद परिवहन विभाग, बस मालिक, चालक और संबंधित थाना क्षेत्रों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
मृतकों की पहचान
रेशांती देवी (35)
प्रेमा देवी (37)
सीता देवी (45)
सोहामती देवी (45)
सुखवा भुइयां (40)
विजय बसंत (32)









