रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह द्वारा जिले में पदभार ग्रहण करने के पश्चात मादक पदार्थों एवं मवेशी तस्करी पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। इसी के परिपालन में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया, जिसके परिणामस्वरूप कल शाम मवेशी तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार कर 08 नग कृषक गौवंशों को मुक्त कराया गया है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि लैलूंगा पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि एक व्यक्ति 08 नग गौवंश को मारते-पीटते, हांकते हुए, बिना चारा-पानी कटेलपारा लैलूंगा से उड़ीसा की ओर पैदल ले जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी लैलूंगा द्वारा तत्काल पुलिस टीम रवाना कर मुखबिर के बताए स्थान कटेलपारा के पास दबिश दी गई, जहां एक व्यक्ति कच्चे मार्ग से मवेशियों को क्रूरता पूर्वक ले जाते हुए पाया गया।
संदेही को रोककर पूछताछ करने पर उसने अपना नाम जलंधर यादव पिता वैधराज यादव उम्र 46 वर्ष निवासी बैस्कीमुड़ा थाना लैलूंगा जिला रायगढ़ बताया तथा अपने साथी पिताम्बर यादव निवासी चरखापारा के साथ मिलकर उक्त मवेशियों को चरखापारा से उड़ीसा ले जाना स्वीकार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी मवेशियों की खरीदी-बिक्री अथवा परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
आरोपी के विरुद्ध थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 21/2026 धारा छ.ग. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसके कब्जे से 08 नग गौवंश (कीमत लगभग ₹1,00,000) एवं एक नग लकड़ी का डंडा गवाहों के समक्ष जप्त किया गया। आरोपी जलंधर यादव को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
एसएसपी रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में मवेशी तस्करी एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधों पर रायगढ़ पुलिस की सख्त निगरानी जारी रहेगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।










