September 16, 2026

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बाघ की संदिग्ध मौत पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल, वन विभाग की लापरवाही हो रही उजागर

अचानकमार टाइगर रिजर्व में एक बाघ की संदिग्ध मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मौत का कारण दो बाघों के बीच आपसी संघर्ष बताया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत और स्थानीय सूत्रों की जानकारी इस दावे से मेल नहीं खाती।
सूत्रों के अनुसार, जंगल में मिला बाघ का शव कम से कम 5 से 6 दिन पुराना था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर रिजर्व में नियमित पेट्रोलिंग होती है, तो बाघ की मौत का पता इतने दिनों तक क्यों नहीं चला? क्या पेट्रोलिंग सिस्टम फेल हुआ या जानकारी दबाई गई? अचानकमार जैसे संवेदनशील टाइगर रिजर्व में बाघ का शव कई दिनों तक जंगल में पड़ा रहना, विभागीय निगरानी व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है। क्या गश्त नहीं हो रही थी? या फिर जानबूझकर मामले को दबाने की कोशिश की गई?
स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि अचानकमार प्रबंधन लगातार मीडिया से दूरी बनाए रखता है। अधिकांश घटनाओं में जानकारी साझा नहीं की जाती और जब मामला सार्वजनिक हो जाता है, तब औपचारिकता निभाते हुए एक तैयारशुदा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी जाती है। बाघ की मौत की खबर सामने आने के अगले ही दिन विभाग ने लंबी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी, लेकिन कई अहम सवालों पर चुप्पी साध ली गई।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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