रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने रिटायर्ड शिक्षक से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 23 लाख की ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय साइबर गिरोह के दो आरोपियों को बैंगलूरू से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर 12 किश्तों में रकम ट्रांसफर कराया था।
पुसौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जतरी में रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक गरुण सिंह पटेल ने 11 नवम्बर को थाने में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया था कि 10 अक्टूबर 2025 को तीन अलग अलग मोबाइल नंबर से अनजान व्यक्ति ने फोन करके खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर खाते की जांच में सहयोग करने की बात कही गई। इस दौरान आरोपियों ने डरा धमकाकर यूपीआई पेटीएम और आरटीजीएस के माध्यम से 25 से लेकर 29 अक्टूबर के बीच 23 लाख 28 हजार 770 रुपए अलग अलग खातों में डलवा लिया। इसके बावजूद भी आरोपी पीड़ित कोे व्हाटसअप में मनी लाउनड्रींग केश में फंसाये जाने की धमकी दे रहे थे। 30 अक्टूबर को पीड़ित ने पूरी घटना की जानकारी अपने बेटे को दी जिसके बाद उन्होंने थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराया गया।
आरोपियों के बैंगलूरू में होने की जानकारी मिली
पीड़ित की शिकायत के बाद पुसौर थाने की पुलिस आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) BNS, 66(D) IT ACT के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस ने पीड़ित के सेन्टल बैंक से हुये ट्रांजेक्शन, संदग्धि यूपीआई आइडी, एनईएफटी, आरटीजीएस के डिटेल, आरोपियों के मोबाईल नम्बर एवं खाता नम्बर का केवायसी डिटेल निकाला गया। जांच पड़ताल के बाद आरोपियों के बैंगलूरू (कर्नाटका) में होने की जानकारी मिली।
अलग – अलग इलाकों से पकड़ाए आरोपी
पुसौर थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज एक विशेष टीम के साथ बैंगलूरू रवाना हुए, जहां स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपियों की पतासाजी में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस टीम ने दो आरोपियों- विग्नेश प्रकाश और स्टीफन थॉमस को बैंगलूरू के अलग-अलग स्थानों में पकड़ा। जिनके खातों में पीड़ित रिटायर्ड टीचर के खातों से रूपये ट्रांसफर हुये थे । पुलिस ने दोनों आरोपियों को बैंगलूरू न्यायालय में पेश ट्रांजिट रिमांड लेकर रायगढ़ लाया गया । आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई।
डाक्युमेंट का गलत इस्तेमाल करता था फिरोज
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी विग्नेश पी, लेबर एजेंट है, दुबई में उसकी मुलाकात फिरोज खान उर्फ डॉम्निक से हुई। आरोपी विग्नेश पी ने बताया कि फिरोज खान उर्फ डॉम्निक पहले बैंगलूरू में रहता था पिछले काफी सालों से दुबई में रह रहा है। फिरोज दुबई में वीजा का काम देखता है, भारत व अन्य देशों से दुबई आने वालों का डाक्युमेंट लेकर उसका गलत इस्तेमाल करता है।
देश भर में करता था ठगी
आरोपी विग्नेश पी, फिरोज के लिए लेबर व्यवस्था कर दुबई भेजता था पर उनका असल काम साइबर फ्रॉड से जुडा है। फिरोज खान अपने अन्य साथियों के साथ पूरे देश में गिरोह डिजिटल अरेस्ट, आधार/सिम लिंकिंग, क्रिप्टो निवेश और फर्जी लोन ऐप्स के जरिए देशभर में ठगी कर रहा था। फिरोज अपने साथी विग्नेश पी और स्टीफन थॉमस जैसे लोगों को अपने गिरोह में शामिल कर ठगी के रूपये प्राप्त करता था जिसके एवज में इन्हें कमीशन मिलता था ।
17 लाख से अधिक रकम कराया गया होल्ड
प्रारंभिक जांच में पीड़ित गरूण पटेल द्वारा विग्नेश पी के खाते में 4 लाख 20 हजार रूपये भेजने की जानकारी मिली है । आरोपी विग्नेश पी के बैंक खाते में 17 लाख से अधिक रूपये पाया गया जिसे होल्ड कराया गया है, वहीं आरोपी स्टीफन थॉमस ने 6 लाख रूपये ठगी का आना जिसे फिरोज के बताये अनुसार दूसरे खातों में ट्रांजेक्शन करना स्वीकार किया है । आरोपी विग्नेश पी और स्टीफन थॉमस के घटना में प्रयुक्त दो मोबाईल को जप्त कर आरोपियों को धोखाधड़ी के अपराध में गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है ।









