रायगढ़। बाजार में लंबे समय से छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की कमी से जूझ रहे व्यापारियों और आम नागरिकों को राहत दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज की पहल सफल रही। चैम्बर के हस्तक्षेप के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की मुख्य शाखा रायगढ़ द्वारा 8 अप्रैल 2026 को विशेष व्यवस्था करते हुए 10, 20 और 50 रुपये के नोटों में कुल 42 लाख रुपये के चिल्लर का वितरण किया गया। इस व्यवस्था से 1000 से अधिक व्यापारियों और नागरिकों को सीधे तौर पर सुविधा प्राप्त हुई।
दरअसल, बाजार में छोटे नोटों (5, 10, 20 व 50 रुपये) की लगातार कमी के कारण व्यापारियों को दैनिक लेनदेन में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से फुटकर व्यापारियों के लिए यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई थी, क्योंकि ग्राहकों को खुल्ले पैसे लौटाने में कठिनाई के कारण कई बार व्यापार प्रभावित हो रहा था। इस समस्या को देखते हुए छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास अग्रवाल के नेतृत्व में एसबीआई की मुख्य शाखा के शाखा प्रबंधक से मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा की थी।
चैम्बर पदाधिकारियों ने बैंक प्रबंधन को अवगत कराया था कि त्योहारी सीजन के साथ-साथ सामान्य दिनों में भी छोटे नोटों की उपलब्धता लगभग समाप्त हो गई है, जिससे व्यापारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। चैम्बर के आग्रह पर बैंक प्रबंधन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए 8 अप्रैल को विशेष रूप से छोटे नोटों के वितरण की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था।
निर्धारित तिथि 8 अप्रैल 2026 को एसबीआई मुख्य शाखा में कार्यावधि के दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी और नागरिक पहुंचे। कड़ी धूप के बावजूद लोगों ने लंबी लाइन में लगकर 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नोटों के रूप में चिल्लर प्राप्त किया। बैंक द्वारा कुल 42 लाख रुपये की राशि छोटे नोटों में वितरित की गई, जिससे शहर के व्यापारिक लेनदेन को काफी हद तक सुचारू बनाने में मदद मिली।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास अग्रवाल ने कहा कि चैम्बर हमेशा व्यापारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाता रहा है। बाजार में छोटे नोटों की कमी एक गंभीर समस्या बन गई थी, जिसे लेकर चैम्बर ने पहल करते हुए बैंक प्रबंधन से चर्चा की और सकारात्मक परिणाम सामने आया। उन्होंने कहा कि इस वितरण से न केवल व्यापारियों को राहत मिली है, बल्कि आम नागरिकों को भी काफी सुविधा हुई है।
सुशील रामदास अग्रवाल ने आगे बताया कि चैम्बर द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है कि भविष्य में भी इस प्रकार की व्यवस्था नियमित रूप से की जाए, ताकि व्यापारियों और आम जनता को चिल्लर की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अति शीघ्र बैंक प्रबंधन से चर्चा कर पुनः चिल्लर वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जबतक छोटे नोटों के किल्त की समस्या रहेगी, तबतक हमारा प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकतानुसार आर. बी. आई. से भी बात करके चिल्लर की व्यवस्था को रायगढ़ में सुनिश्चित करायी जायेगी।
यह मुलाकात और पहल चैम्बर के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुई थी, जिसमें प्रदेश मंत्री शक्ति अग्रवाल, रायगढ़ जिला अध्यक्ष गोपी सिंह ठाकुर, पूर्व प्रदेश मंत्री राजेश अग्रवाल (चैम्बर), जिला उपाध्यक्ष मनोज बेरिवाल (टिम्बर), दिलीप अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
चैम्बर ने व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रकार की व्यवस्थाओं का लाभ उठाकर अपने व्यापारिक और दैनिक लेनदेन को सुगम बनाएं। बैंक की यह पहल निश्चित रूप से शहर की व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।









