नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों और भ्रामक खाद्य उत्पादों पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्यभर में गैर-मानकीकृत डेयरी एनालॉग (Dairy Analogues) एवं डेयरी उत्पाद जैसे दिखने वाले गैर-दुग्ध खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध विशेष रूप से ऐसे उत्पादों पर लागू होगा जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद नहीं हैं, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का उपयोग किया जाता है तथा जिनकी पैकेजिंग, लेबलिंग या प्रस्तुति उपभोक्ताओं को भ्रमित करती है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय विभागीय प्रवर्तन अनुभव, प्रयोगशाला विश्लेषण, उपभोक्ता हितों और जोखिम मूल्यांकन के आधार पर लिया गया है। विशेष रूप से एनालॉग पनीर और अन्य ऐसे उत्पाद, जो पनीर, क्रीम, मक्खन या अन्य डेयरी उत्पादों जैसे प्रतीत होते हैं, उपभोक्ताओं के लिए भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर रहे थे। हालांकि, मानकीकृत उत्पाद जैसे फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ और मिक्स्ड फैट स्प्रेड इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगे।
अधिसूचना के अनुसार यह प्रतिबंध राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगा और एक वर्ष तक लागू रहेगा। यदि इस अवधि से पहले भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) इस विषय में अंतिम नियामकीय मानक जारी करता है या खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा आदेश में संशोधन अथवा निरस्तीकरण किया जाता है, तो उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
राज्य सरकार ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा 22 जुलाई 2026 को जारी विस्तृत प्रतिबंधात्मक आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। यह आदेश राज्य के सभी संबंधित अधिकारियों एवं खाद्य कारोबार संचालकों पर लागू होगा।











