September 29, 2026

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खेतों में तबाही मचा रहे जंगली सूअर, रात होते ही निकलता है झुंड; 4 ग्रामीण घायल

रायगढ़। रायगढ़ जिला मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर पुसौर ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक गांव के किसान बीते कुछ सप्ताह से जंगली सूअर के आतंक से काफी परेशान हैं। रात होते ही जंगली सूअर किसानों के खेती जमकर तबाही मचा कर वापस लौट जा रहे हैं। यहां तक कि 4 लोगों को घायल करने की भी जानकारी सामने आ रही है।

मिली जानकारी के अनुसार पुसौर ब्लॉक में इन दिनों जंगली सूअरों की बढ़ती आवाजाही ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ब्लॉक के सुर्री, कर्राजोर, सरसमाल, पुसल्दा, तेतला, जामपाली समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में रात होते ही जंगली सूअरों के झुंड खेतों में पहुंच रहे हैं। 10 से अधिक सूअरों का झुंड खेतों में घुसकर मूंगफली, उड़द, मूंग सहित दलहन और तिलहन की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। फसल बचाने के साथ अब ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा की भी चिंता सताने लगी है।

ग्रामीणों के मुताबिक जंगली सूअर दिनभर नदी किनारे और झाड़ियों वाले इलाकों में छिपे रहते हैं। शाम ढलते ही झुंड खेतों की ओर निकल जाता है। कई खेत गांव से दूर होने के कारण किसान रात में वहां निगरानी भी नहीं कर पाते। इसका फायदा उठाकर सूअर फसल को रौंदने के साथ जमीन खोदकर मूंगफली और दूसरी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

सुर्री के किसान गंगाधर कुर्रे ने बताया कि उनका मूंगफली का खेत घर से काफी दूर है। पिछले चार दिनों से जंगली सूअर लगातार रात में खेत में पहुंच रहे हैं और मूंगफली की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। खेत की रात में निगरानी करना संभव नहीं होने के कारण वे फसल को बचाने के लिए कोई ठोस उपाय भी नहीं कर पा रहे हैं।

चार ग्रामीण हो चुके घायल, किसानों में दहशत
जंगली सूअरों की समस्या अब केवल फसलों तक सीमित नहीं है। जामपाली और सुर्री क्षेत्र में सूअरों के हमले में चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद ग्रामीण रात के समय खेतों और आसपास के इलाकों में जाने से बच रहे हैं। युवा किसान नीरज पटेल ने बताया कि सुर्री, पुसल्दा, तेतला, सरसमाल, कर्राजोर, जामपाली और आसपास के गांवों में किसान जंगली सूअरों की लगातार बढ़ती मौजूदगी से परेशान हैं। साथ ही खेत आने जाने समय डर बना रहता है।

सरसमाल में बच्चों के साथ दिखा जंगली सूअर का झुंड
ग्रामीणों के अनुसार सरसमाल क्षेत्र में एक जंगली सूअर ने खेतों के आसपास बच्चों को जन्म दिया है। इसके बाद आसपास के क्षेत्र में सूअरों की आवाजाही बढ़ गई है। ग्रामीणों का मानना है कि बच्चों के आसपास होने पर जंगली सूअर अधिक आक्रामक व्यवहार कर सकते हैं। यही वजह है कि किसान रात में खेतों की ओर जाने से भी परहेज कर रहे हैं।

नदी किनारे झाड़ियों में बना रहे ठिकाना
तेतला निवासी किसान गोपाल बरेठ ने बताया कि सुबह जब वे खेत पहुंचे तो मूंगफली की फसल को जंगली सूअरों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था। उनके मुताबिक सूअर नदी किनारे झाड़ियों वाले इलाकों में रहते हैं और पिछले कुछ दिनों से गांव के करीब तक पहुंचने लगे हैं। इससे ग्रामीणों में लगातार डर बना हुआ है।

राधापुर-कटंगपाली क्षेत्र से आने की बात
ग्रामीणों के मुताबिक जंगली सूअरों के झुंड राधापुर-कटंगपाली क्षेत्र से होते हुए पुसौर ब्लॉक की ओर पहुंचे हैं। पिछले कुछ वर्षों से क्षेत्र में इनकी मौजूदगी देखी जाती रही है, लेकिन इस बार झुंड के रूप में खेतों तक पहुंचने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर रात के समय इनकी सक्रियता ज्यादा होने से फसल की रखवाली करना किसानों के लिए चुनौती बन गया है।

किसानों की मांग- निगरानी बढ़े, नुकसान का मिले आकलन
जंगली सूअरों के लगातार खेतों में पहुंचने से किसानों को दोहरी चिंता सता रही है। एक तरफ तैयार हो रही फसल बर्बाद होने का डर है तो दूसरी ओर रात में खेतों की रखवाली करने में जान का खतरा भी बना हुआ है। किसानों ने वन विभाग से प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाने, जंगली सूअरों की गतिविधियों पर नजर रखने और फसल नुकसान का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

फिर जायजा लेकर करेंगे आकलन
इस मामले में रायगढ़ रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि पुसौर ब्लॉक के कुछ गांवों में जंगली सूअरों द्वारा फसल नुकसान की जानकारी करीब एक सप्ताह पहले मिली थी। इसके बाद कर्मचारियों को भेजकर निगरानी कराई गई थी। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में दोबारा ऐसी स्थिति बनी है तो मौके पर कर्मचारियों को भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। परिस्थिति के अनुसार फसल नुकसान का आकलन भी किया जाएगा।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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