October 24, 2026

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महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए इनरव्हील क्लब ऑफ रायगढ़ सेंट्रल की पहल, निःशुल्क हुई ब्रेस्ट कैंसर जाँच व मैमोग्राफी रायगढ़ में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की जिला स्तरीय परिचयात्मक बैठक एवं स्वागत समारोह आज, प्रदेश पदाधिकारियों के स्वागत में निकलेगी भव्य बाइक रैली दिल्ली में पहली बार गूंजेगी भगवान झूलेलाल की अमृत कथा, साईं लालदास साहेब जी के श्रीमुख से होगा गुणगान दीपावली से पहले महंगाई भत्ता और एरियर्स की मांग, रायगढ़ में पेंशनर्स-कर्मचारियों का प्रदर्शन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर खरसिया कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन नगर निगम रायगढ़ की वेबसाइट पर साइबर सेंधमारी का शक, स्क्रीन पर दिखा ‘Hacked By OVERTHRASH 1337’, पाकिस्तानी झंडे जैसा सिंबल नजर आने से मचा हड़कंप
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एनएचएम संविदा कर्मचारियों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के वेतन, एरियर्स एवं इंसेंटिव भुगतान में निरंतर विलंब – कर्मचारियों में गंभीर असंतोष एवं आर्थिक संकट

“रायगढ़ स्वास्थ्य विभाग में बजट की कमी नहीं, इच्छाशक्ति की कमी: 15.50 करोड़ होने पर भी कर्मचारी खाली हाथ।”
“न्यूनतम वेतन, अधिकतम प्रताड़ना: रायगढ़ के 750 NHM कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी।”
“CHO का इंसेंटिव अटका, TDS न भरने से आयकर विभाग की रडार पर स्वास्थ्यकर्मी।”

रायगढ़। एनएचएम के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को वेतन, 5 प्रतिशत एरियर्स एवं इंसेंटिव भुगतान में हो रही अनावश्यक देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की जाती है। यह समस्या विशेष रूप से रायगढ़ जिले में उभरकर सामने आ रही है, जहां कर्मचारी पूर्ण निष्ठा के साथ जन स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण उन्हें मानसिक तनाव, आर्थिक संकट एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

माननीय विधायक सह वित्त मंत्री महोदय, सचिव स्वास्थ्य, मिशन संचालक, कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक महोदय को सौंपा ज्ञापन, जिले एन एच एम के जिम्मेदार व्यक्ति रहे कार्यालय से गायब

रायगढ़ जिले में लगभग 750 एनएचएम संविदा कर्मचारी, जिसमें 230 सीएचओ कार्यरत हैं, जो ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। इसके बावजूद, उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। हाल ही में, 12 दिसंबर 2025 को अक्टूबर माह का वेतन प्रदान किया गया, जबकि नवंबर माह का वेतन एवं जुलाई 2023 से देय 5 प्रतिशत एरियर्स की राशि आज तक लंबित है।

इसी प्रकार, सीएचओ को जून 2025 से इंसेंटिव की राशि अप्राप्त है, जिसके कारण टीडीएस की कटौती हुई राशि समय पर भारत सरकार के खाते में जमा नहीं हो पा रही है। इससे कर्मचारी आयकर रिटर्न दाखिल करने एवं रिफंड प्राप्त करने से वंचित हो रहे हैं।

राज्य स्तर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा 1 दिसंबर 2025 को रायगढ़ जिले को 15.50 करोड़ रुपये की वित्तीय लिमिट प्रदान की गई है, जिसमें वेतन, एरियर्स एवं इंसेंटिव के भुगतान का स्पष्ट प्रावधान है। छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के आदेश (क्रमांक 2489/वित्त/ब-4/2025, दिनांक 16 अक्टूबर 2025) के अनुसार, दिवाली से पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान का निर्देश था, लेकिन रायगढ़ में यह लागू नहीं हुआ, जिससे कर्मचारियों की दिवाली सूनी रही। राज्य के अन्य जिलों जैसे कोरबा, दुर्ग, बलौदा बाजार, कवर्धा, जांजगीर-चांपा एवं बालोद में एरियर्स एवं इंसेंटिव का भुगतान समय पर किया जा चुका है, जबकि रायगढ़ में बजट की कमी का बहाना बनाकर फंड समय से पूर्व समाप्त कर दिया जाता है।

पूर्व में भी वेतन देरी की समस्या बनी रही, जिसके कारण 18 अगस्त से 19 सितंबर 2025 तक अनिश्चितकालीन आंदोलन करना पड़ा।

रायगढ़ जिले के दो बर्खास्त कर्मचारी – सुश्री शकुंतला एक्का एवं श्री वैभव डियोडिया – को उनका पूर्व कार्यकाल से संबंधित एरियर्स आज तक नहीं मिला है, जबकि राज्य शासन द्वारा इसे रोकने का कोई स्पष्ट आदेश नहीं है।

यह स्थिति भारतीय संविधान एवं श्रम कानूनों का उल्लंघन है:
– *अनुच्छेद 21*: समय पर वेतन न मिलना गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का हनन।
– *अनुच्छेद 23*: वेतन देरी बंधुआ श्रम के समान।
– *वेतन भुगतान अधिनियम, 1936*: 7-10 तारीख तक वेतन अनिवार्य, उल्लंघन दंडनीय।
– *न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948*: न्यूनतम मजदूरी समय पर न देना अपराध।
– *अनुच्छेद 265*: टीडीएस कटौती अवैध यदि समय पर जमा न हो।

राज्य स्तर पर SNA-स्पर्श प्रणाली के माध्यम से वेतन भुगतान होना है, लेकिन तकनीकी समस्याओं एवं प्रशिक्षण की कमी के कारण 15 दिन से अधिक समय व्यतीत होने के बावजूद अधिकांश जिलों में वेतन लंबित है। इससे कर्मचारियों को मकान किराया, दवाइयां, बच्चों की शिक्षा, बैंक किश्तें एवं दैनिक आवश्यकताओं में कठिनाई हो रही है। कई कर्मचारी मानसिक अवसाद में हैं।
संघ की मांग है कि 24 दिसंबर 2025 तक सभी लंबित वेतन, एरियर्स एवं इंसेंटिव का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, साथ ही भविष्य में नियमित व्यवस्था (जैसे बजट प्रोविजन या बैकअप फंड) स्थापित की जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो आंदोलनात्मक कदम उठाने पड़ेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
संघ शासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करता है ताकि स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहें।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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