कोरबा। तीन–चार दिनों से प्लास्टिक का डिब्बा एक कुत्ते के सिर पर फंस गया था कुत्ते पर लोगो की नजर पड़ती और उसे पकड़ने की कोशिश भी की जा रही थी लेकिन लोग उसे पकड़ ही नही पा रहे थे।कुत्ता इधर उधर इतना तेज भागता की पकड़ पाना मुश्किल था।कुत्ता कभी हेलीपेड जंगल तो कालोनी के आसपास नजर आ रहा था लगातार आरसीआरएस टीम रेस्क्यू कर रही थी लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी मंगलवार की देर रात नजर रखी हुई थी जहाँ मुड़ापार आवास कॉलोनी के पास आराम करते नजर आया और उसे टीम ने पकड़ कर रेस्कयू शुरू किया और डिब्बा को कुत्ते के सिर से निकाला गया तब जा कर कुत्ते ने राहत की सांस ली।
स्थनीय लोगो की माने तो असामाजिक तत्वों की करतूत हो सकती है जो खिलाने के बहाने इस तरह की हरकत को अंजाम दिए होंगे।डिब्बा फंसने के कारण कुत्ता न तो खाना-पीना कर पा रहा था और न ही ढंग से चल पा रहा था। हेलीपैड और अटल आवास क्षेत्र के आसपास घूमता देखा जा रहा था।
आरसीआरएस के अध्यक्ष अविनाश यादव ने बताया कि इससे पहले भी कई बार कुत्ते को पकड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन हर बार वह भाग जाता था।मंगलवार की शाम टीम के सदस्य अतुल बेला, सोनू शाह और सुमीत ने देर रात कुत्ते की तलाश शुरू की। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कुत्ता पीएम आवास के पीछे जंगल में मिला।टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर पीएम आवास के पास लाया और बड़े एहतियात के साथ उसके सिर में फंसा प्लास्टिक का डिब्बा निकाल दिया। डिब्बा निकलते ही कुत्ता तेजी से भाग गया।
रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने इसकी जानकारी संगठन के अध्यक्ष अविनाश यादव को दी। टीम का कहना है कि समय पर रेस्क्यू न होने पर कुत्ते की हालत गंभीर हो सकती थी।










