August 2, 2026

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छत्तीसगढ़ में नकली डेयरी उत्पादों पर एक साल का प्रतिबंध, सरकार का बड़ा फैसला खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने एनालॉग पनीर पर सख्ती के दिए निर्देश, उपभोक्ताओं को भ्रमित करने पर होगी कार्रवाई इनर व्हील क्लब ऑफ रायगढ़ सेंट्रल ने उत्साहपूर्वक मनाया फ्रेंडशिप डे रायगढ़ पुलिस को तमनार के चर्चित दोहरे हत्याकांड में मिली महत्वपूर्ण सफलता , चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा 20 साल के संघर्ष का असर! पीडब्ल्यूडी के आश्वासन के बाद खुला चक्का जाम, 15 अगस्त तक सड़क को चलने योग्य बनाने का वादा स्मार्ट मीटर हटाओ” अभियान का आगाज़, उपभोक्ताओं का फूटा आक्रोश – “यह स्मार्ट नहीं, बिजली बिल की लूट का मीटर है”
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जल्दबाजी एवं प्रक्रियागत अनियमितताओं के बीच जारी स्थगन आदेश से प्रधानमंत्री आवास निर्माण प्रभावित, निष्पक्ष जांच की मांग

रायगढ़ । ग्राम जकेला, तहसील पुसौर, जिला रायगढ़ स्थित पैतृक भूमि खसरा नंबर 773/2 , जो पांच सगे भाइयों की संयुक्त स्वामित्व भूमि है, पर लंबे समय से कब्जे अनुसार आपसी सहमति से आवासीय निर्माण कार्य किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में सभी सह-हिस्सेदारों के मध्य लिखित सहमति पत्र तैयार कर नोटरी के माध्यम से प्रमाणित किया गया, जिसके आधार पर संबंधित पक्षों द्वारा अपने-अपने कब्जे अनुसार मकान निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। उक्त भूमि पर शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत भी हितग्राही द्वारा मकान निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

बताया गया है कि सह-हिस्सेदार वृंदावन गुप्ता एवं अनिरुद्ध गुप्ता द्वारा आपत्ति प्रस्तुत किए जाने पर राजस्व न्यायालय में प्रकरण दर्ज किया गया। पीड़ित पक्ष के अनुसार प्रकरण में स्थगन आदेश जारी किए जाने से पूर्व अत्यंत कम अंतराल पर लगभग प्रत्येक दो दिवस में सुनवाई निर्धारित की जा रही थी, जिससे जल्दबाजी में कार्यवाही किए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि प्रकरण के दौरान एक अवसर पर ऐसी नोटिस प्राप्त होने की जानकारी दी गई जिसका तहसील कार्यालय में कोई विधिवत अभिलेख उपलब्ध नहीं था। संबंधित पक्ष द्वारा तहसील कार्यालय पहुंचने पर उक्त नोटिस को वहीं निरस्त/फाड़ दिए जाने की बात भी कही जा रही है, जिससे कार्यवाही की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह उत्पन्न हुआ है।

पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि स्थगन आदेश जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितता एवं आर्थिक लेन-देन की आशंका प्रतीत होती है, जिसकी निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है।

स्थगन आदेश जारी होने के पश्चात अगली सुनवाई तिथि लगभग 25 दिवस बाद निर्धारित किए जाने से निर्माण सामग्री खराब होने एवं आर्थिक क्षति की संभावना उत्पन्न हो गई है, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्मित हो रहा मकान भी प्रभावित हो रहा है।

पीड़ित पक्ष द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कर न्यायोचित निर्णय प्रदान किए जाने की मांग जिला प्रशासन एवं सक्षम अधिकारियों से की गई है।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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