August 2, 2026

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लैलूंगा से लद्दाख तक पहुंचा ‘केलो’ जैविक जवाफूल चावल, लद्दाख वासियों ने जताया आभार, प्रदेश से बाहर बढ़ रही मांग, किसानों को मिल रहा बेहतर दाम

रायगढ़ । लैलूंगा क्षेत्र से भेजा गया ‘केलो’ जैविक जवाफूल चावल लद्दाख के कारगिल जिले के गरकोन गांव तक पहुंच गया है। लद्दाख में पार्सल पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में इसे खोला गया। चावल की खुशबू और गुणवत्ता ने सभी को प्रभावित किया और लोगों ने इसकी सराहना की। लद्दाखी परंपरा के अनुसार ‘जुले-जुले’ कहकर स्थानीय लोगों ने आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतनी दूर से चावल मिलना उनके लिए एक अलग और खास अनुभव है। लद्दाख से साझा किए गए वीडियो में स्थानीय नागरिकों ने कहा कि “हम रायगढ़ जिला प्रशासन के बहुत शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने हमारी मांग पर ‘सुगंधित चावल यहां लद्दाख तक पहुंचाया। इसके लिए हम उनका विशेष धन्यवाद करते हैं।
बता दे कि कुछ समय पहले गरकोन गांव के एक उपभोक्ता द्वारा वीडियो के माध्यम से रायगढ़ जिले के लैलूंगा में उत्पादित सुगंधित चावल के प्रति रुचि व्यक्त की गई थी। इसके बाद पहल करते हुए रायगढ़ से चावल और उसके बीज पार्सल के जरिए भेजे गए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लैलूंगा क्षेत्र में किसान सुगंधित ‘जवाफूल’ चावल की खेती कर रहे हैं। इसकी खेती के लिए 5 किसान उत्पादक संगठन का गठन किया गया है, जिनमें 1000 से अधिक किसान जुड़े हुए हैं और संगठित रूप से इस फसल का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘जवाफूल’ चावल के प्रचार-प्रसार के लिए यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी जानकारी साझा की जा रही है।
गौरतलब है कि प्रशासन के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा इस फसल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसान समूहों और एफपीओ के माध्यम से उत्पादन और विपणन को संगठित किया जा रहा है। ‘केलो’ जैविक जवाफूल चावल अब लैलूंगा की एक मजबूत पहचान बन चुका है। यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि क्षेत्र को नई पहचान भी दिला रहा है। जवाफूल धान की प्रमुख विशेषता इसकी प्राकृतिक सुगंध और स्वाद है, जो लैलूंगा क्षेत्र की विशेष जलवायु में विकसित होती है। ‘केलो’ जैविक जवाफूल चावल की मांग अब छत्तीसगढ़ से बाहर भी बढ़ रही है। बेंगलुरु, चेन्नई, तेलंगाना, लद्दाख और कारगिल जैसे क्षेत्रों में इसकी मांग देखी जा रही है।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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