रायगढ़। रायगढ़ शहर के केलो नदी पर बने पचधारी एनीकेट में नहाने के दौरान पिछले दिनों दो लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके लोग सबक लेने को तैयार नहीं हैं। भीषण गर्मी से राहत पाने बड़ी संख्या में युवक और बच्चे एनीकेट पहुंच रहे हैं और छपाछप नहाने का सिलसिला लगातार जारी है। जिला प्रशासन द्वारा जारी निषेधाज्ञा भी यहां बेअसर नजर आ रही है।
रायगढ़ के पचधारी एनीकेट में एक बार फिर लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। तेज गर्मी और उमस से राहत पाने लोग नदी में उतरकर नहाने का आनंद ले रहे हैं। हालांकि कुछ दिनों पहले इसी एनीकेट में नहाने के दौरान दो लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद लोग सावधानी बरतने को तैयार नहीं दिख रहे। खासकर युवा और बच्चे जान जोखिम में डालकर गहरे पानी तक पहुंच रहे हैं। हमारे संवाददाता ने रविवार को यहां का निरीक्षण करने के दौरान पाया कि कई लोग एनीकट के बांध के उपर वाले गहरे पानी के क्षेत्र में भी नहा रहे हैं। जो कि खतरे से खाली नही है और यहीं पर पहले दो मौतें इसी साल हो चुकी है। विंडबना यह है कि आसपास क्षेत्र में न तो प्रतिबंद्ध से संबंधित कोई बोर्ड लगाया गया है और ना ही सुरक्षा की दृष्टि से गोताखोर या पुलिस की वहां व्यवस्था रखी गई है। जाहिर सी बात है कि जिला प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले में केवल प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शायद अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है।
उल्लेखनीय रहे कि जिला प्रशासन ने हादसों के बाद इस क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की थी और लोगों को नदी में उतरने से मना किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा। न तो मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर आ रहे हैं और न ही लोगों में डर दिखाई दे रहा है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।










