रायगढ़। औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही अब कंपनियों पर भारी पड़ रही है। कार्यस्थल पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने के मामलों में श्रम न्यायालय रायगढ़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिंदल पावर लिमिटेड समेत जिले की छह औद्योगिक इकाइयों पर कुल 2 लाख 83 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से प्रस्तुत प्रकरणों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने यह कार्रवाई की है।
मामलों के अनुसार, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीमों द्वारा विभिन्न कारखानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान कई जगहों पर श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं किया जाना सामने आया। निरीक्षण में मिली कमियों के आधार पर संबंधित प्रबंधनों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उन्हें श्रम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय द्वारा जिन प्रतिष्ठानों को दोषी ठहराते हुए अर्थदंड लगाया गया, उनमें जिंदल पावर लिमिटेड पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। छह मामलों में यह सर्वाधिक अर्थदंड है। इसके अलावा मेसर्स सांई राम राईस मिल और मेसर्स श्री रूपणाधाम स्टील प्राइवेट लिमिटेड पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
इसी क्रम में मेसर्स सुनील स्पंज प्राइवेट लिमिटेड (रायगढ़ डिवीजन) पर भी 50 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। वहीं मेसर्स के.एल. एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड पर 25 हजार रुपये तथा मेसर्स रायगढ़ इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड (यूनिट-2) पर 8 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अनुसार, इन मामलों में कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई थी। विभागीय निरीक्षण के दौरान सामने आई सुरक्षा संबंधी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संस्थानों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किए गए।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कारखानों, औद्योगिक इकाइयों और निर्माण स्थलों में सुरक्षा प्रावधानों के पालन की जांच के लिए निरीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। निर्धारित मानकों की अनदेखी या सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











