सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले के सेवा सहकारी समिति मर्यादित साल्हेओना के धान उपार्जन केंद्र में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच में करीब 99 लाख 12 हजार रुपए से अधिक की आर्थिक अनियमितता उजागर होने के बाद सहायक खाद्य अधिकारी ने थाना सरिया में एफआईआर दर्ज कराने आवेदन दिया है।
मामले में समिति प्रबंधक बंशीधर पटेल और कम्प्यूटर ऑपरेटर वासुदेव पटेल को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। आरोप है कि दोनों ने मिलीभगत कर बिना धान खरीदी किए ही फर्जी ऑनलाइन एंट्री कर शासन और समिति को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
जांच में खुला बड़ा खेल
कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ के निर्देश पर गठित जांच दल ने 20 अप्रैल को साल्हेओना धान उपार्जन केंद्र का भौतिक सत्यापन किया। जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार केंद्र में रिकॉर्ड में 3142.80 क्विंटल धान उपलब्ध दर्शाया गया था, लेकिन मौके पर केवल 2 क्विंटल धान मिला। इस तरह 3140.80 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसकी कीमत 97 लाख 36 हजार 480 रुपए आंकी गई है।
इसके अलावा वर्ष 2025-26 के नए जूट बारदानों में भी 2045 नग की कमी पाई गई, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख 75 हजार रुपए बताई गई है। कुल मिलाकर शासन और समिति को 99 लाख 12 हजार 411 रुपए से अधिक की क्षति पहुंचने की बात सामने आई है।
फर्जी खरीदी एंट्री करने की स्वीकारोक्ति
जांच के दौरान समिति प्रबंधक बंशीधर पटेल ने लिखित कथन में स्वीकार किया कि कई कर्मचारियों के माध्यम से किसानों के नाम पर फर्जी धान खरीदी एंट्री की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग कर्मचारियों द्वारा हजारों बोरी धान की फर्जी खरीदी दर्ज की गई। जांच में यह भी सामने आया कि जिन कर्मचारियों के नाम से एंट्री की गई, उन्हें धान खरीदी कार्य के लिए अधिकृत ही नहीं किया गया था।
रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त
अनियमितता सामने आने के बाद जांच दल ने धान खरीदी पंजी, धान आवक पंजी, डिलेवरी पंजी, हिसाब पंजी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। साथ ही एक पेन ड्राइव और फर्जी एंट्री से जुड़े रिकॉर्ड भी कब्जे में लिए गए हैं।
पहले भी जारी हुआ था नोटिस
कार्यालय कलेक्टर की ओर से समिति प्रबंधक को धान की कमी को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।सहायक खाद्य अधिकारी विद्यानंद पटेल ने थाना सरिया में आवेदन देकर समिति प्रबंधक बंशीधर पटेल और कम्प्यूटर ऑपरेटर वासुदेव पटेल के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।











