रायगढ़। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा राज्यभर में पनीर एनालॉग (नकली पनीर) और अन्य गैर-दुग्ध खाद्य उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब रायगढ़ जिले में भी इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी तेज कर दी गई है।
इसी क्रम में उप संचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला रायगढ़ ने जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट एवं खाद्य कारोबारकर्ताओं को 7 अगस्त 2026 को बैठक में उपस्थित होने के निर्देश जारी किए हैं।
जारी पत्र के अनुसार, 7 अगस्त को सुबह 11 बजे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय, रायगढ़ के सभा कक्ष में बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विभागीय अधिकारी राज्य सरकार द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश, खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों तथा आगे की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देंगे।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18 एवं धारा 30 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए ऐसे पनीर एनालॉग अथवा गैर-दुग्ध खाद्य उत्पाद, जो किसी वास्तविक दुग्ध उत्पाद जैसे पनीर, क्रीम, मक्खन या अन्य डेयरी उत्पादों की नकल करते हों, उनके निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पूरे छत्तीसगढ़ में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों से कहा है कि वे बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल हों, ताकि प्रतिबंध से जुड़े प्रावधानों, खाद्य सुरक्षा मानकों और भविष्य में की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी प्राप्त कर सकें।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में रायगढ़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार डेयरी प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। कई स्थानों से संदिग्ध पनीर के नमूने लिए गए हैं तथा प्रतिबंधित एनालॉग पनीर मिलने पर कार्रवाई भी की गई है। ऐसे में 7 अगस्त की यह बैठक जिले के खाद्य कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।











