बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर बिलासपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम जिलेभर में लगातार निरीक्षण अभियान चला रही है, ताकि बाजार में प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
अभियान की शुरुआत खाद्य कारोबारियों के साथ जागरूकता बैठक से की गई, जिसमें थोक एवं फुटकर विक्रेताओं, डेयरी संचालकों और पनीर निर्माताओं को शासन के आदेशों की जानकारी देते हुए एनालॉग पनीर का निर्माण या विक्रय नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई।
इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने शहर के विभिन्न डेयरी प्रतिष्ठानों, दुकानों और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर नहीं मिला। हालांकि, खाद्य गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच के लिए साइलेस्टिस रेस्टोरेंट से पनीर का नमूना एकत्र कर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से शासन के निर्देशों का पालन करने, केवल मानक गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री करने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में यह विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि आम लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री ही पहुंचे।











