रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों की बढ़ती संख्या के बीच मानव-हाथी संघर्ष का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। जिले के अलग-अलग जंगलों में इस समय 169 हाथी विचरण कर रहे हैं। बीती रात हाथियों के दल ने धरमजयगढ़ वनमंडल के कई गांवों में पहुंचकर 39 किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। हाथियों के खेतों में पहुंचने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और फसल नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में मौजूद 169 हाथियों में धरमजयगढ़ वनमंडल में 140 और रायगढ़ वनमंडल में 29 हाथी सक्रिय हैं। हाथियों के इस समूह में 51 नर, 80 मादा और 38 शावक शामिल हैं। बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित इलाकों में निगरानी और ग्रामीणों को सतर्क करने का काम तेज कर दिया है।
रात में खेतों में पहुंचे हाथियों के दल
धरमजयगढ़ वनमंडल के विभिन्न गांवों में बीती रात हाथियों के दल ने खेतों में घुसकर धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। धूमामुड़ा में 5, आमगांव में 2, प्रेमनगर-क्रोधा क्षेत्र में 10, कामोसिनडांड में 7, बकालो में 3, धावाईडांड में 4, बंगरसुता में 2, अलोला में 5 और बुरनुपाली में 1 किसान की फसल को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है।
हाथियों के झुंड ने कई खेतों में धान की फसल को खाया, जबकि बड़ी मात्रा में फसल पैरों तले रौंद दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लेना शुरू कर दिया है।
शाम ढलते ही जंगल से निकल आते हैं हाथी
हाथी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों के मुताबिक, शाम होते ही हाथियों के दल जंगल से निकलकर भोजन की तलाश में गांवों के आसपास पहुंचने लगते हैं। हाथी खेतों में खड़ी धान समेत दूसरी फसलों को अपना निवाला बनाने के साथ उन्हें पैरों से रौंदकर भी बर्बाद कर देते हैं। कई बार हाथियों के मकानों तक पहुंचने और उन्हें क्षतिग्रस्त करने की घटनाएं भी सामने आती हैं।
लगातार हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों को डर है कि खेतों में फसल बचाने के लिए जाने के दौरान उनका सामना हाथियों से न हो जाए।
ड्रोन से निगरानी, गांवों में कराई जा रही मुनादी
जिले में हाथियों की बड़ी संख्या को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी है। वन विभाग की टीमों के साथ हाथी मित्र दल को भी प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय किया गया है। हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है।
वहीं हाथी प्रभावित गांवों में लगातार प्रचार-प्रसार और मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। वन विभाग ग्रामीणों से अपील कर रहा है कि वे हाथियों के करीब न जाएं, उन्हें खदेड़ने या घेरने की कोशिश न करें और रात के समय जंगल व खेतों की ओर जाने से बचें।
169 हाथियों की मौजूदगी ने जिले में मानव-हाथी संघर्ष की चुनौती को एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब वन विभाग के सामने हाथियों की सुरक्षित निगरानी के साथ किसानों की फसलों और ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है।











