रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल में इन दिनों जंगली हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में कुल 111 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं, जिनमें 35 नर, 47 मादा और 29 शावक शामिल हैं। हाथियों के लगातार गांवों की ओर पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल के बाकारुमा रेंज के रैरुमा बीट अंतर्गत ग्राम सिसरिंगा और गेरसा में बीती रात एक दंतैल हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने सिसरिंगा गांव में डमरूधर यादव, भरोस मझवार, सागर राठिया और सुनील कुजूर के मकान को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा गेरसा गांव में गुलाब नामक ग्रामीण के मकान को भी हाथी ने तोड़ दिया। इस तरह एक ही रात में कुल पांच मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
इतना ही नहीं, हाथी ने आसपास के खेतों में लगी फसलों को भी रौंदकर नुकसान पहुंचाया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक 16 ग्रामीणों की फसलें प्रभावित हुई हैं। हाथी के उत्पात की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
भोजन की तलाश में गांवों का रुख
धरमजयगढ़ वनमंडल में बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी के कारण मानव-हाथी संघर्ष का खतरा लगातार बना हुआ है। भोजन और पानी की तलाश में हाथियों के दल रोजाना जंगल से निकलकर गांवों और खेतों की ओर पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों को जान-माल और फसल दोनों के नुकसान की चिंता सता रही है।
वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और रात के समय जंगल तथा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की समझाइश दी जा रही है। वहीं, प्रभावित ग्रामीणों को हुए नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की तैयारी की जा रही है।











