धरमजयगढ़/रायगढ़। जंगल में अपनी मां और झुंड के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाला नन्हा हाथी इन दिनों अपनों से बिछड़कर अकेला भटक रहा है। धरमजयगढ़ वन मंडल के बोरो रेंज अंतर्गत चाल्हा क्षेत्र के जंगल में करीब 2 से 3 वर्ष का हाथी शावक पिछले दो-तीन दिनों से झुंड से अलग विचरण करता देखा जा रहा है। शावक की हालत भी सामान्य नहीं बताई जा रही है, जिससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है।
शावक के अकेले होने की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। वन अमला लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है और साथ ही आसपास मौजूद हाथियों के झुंड की लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है। विभाग की कोशिश है कि बिना किसी जोखिम के शावक को उसके परिवार तक पहुंचाया जाए।
वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती शावक और झुंड को सुरक्षित तरीके से करीब लाने की है। झुंड की स्थिति और शावक की गतिविधियों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जा रही है। जरूरत पड़ने पर शावक को झुंड की दिशा में सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने अथवा झुंड को उसके करीब लाने का प्रयास किया जाएगा।
धरमजयगढ़ वन मंडलाधिकारी सत्यदेव शर्मा ने बताया कि शावक की उम्र लगभग 2 से 3 वर्ष है। उसे उसके झुंड से मिलाने के लिए लगातार निगरानी और प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग की टीम शावक के साथ-साथ झुंड की गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है।
ग्रामीणों को किया जा रहा सतर्क
चाल्हा क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग द्वारा आसपास के गांवों में मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे शावक या हाथियों के झुंड के करीब न जाएं और उन्हें घेरने अथवा उनकी गतिविधियों में हस्तक्षेप करने से बचें। वन अमले की प्राथमिकता शावक को किसी तरह की परेशानी से बचाते हुए सुरक्षित रूप से उसकी मां और झुंड तक पहुंचाना है।






