रायगढ़ । लैलूंगा विकासखंड से पीएम आवास योजना में घर पूरा नहीं होने की वजह से ग्रामीण महिला जिला सीईओ कार्यालय अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे ग्रामीणों ने पंचायत के सचिव के द्वारा आवास के पैसा निकाल कर गबन करने की भी शिकायत किया ,जिला पंचायत के सीईओ ने पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए आश्वासन देकर जल्द कार्रवाई करने की बात कही, जिसके बाद जिला सीओ ने ग्रामीण के भोजन और लैलूंगा उनके गांव मडियाकछार जाने के लिए गाड़ी की भी व्यवस्था किया।
रायगढ़ जिले के लैलूंगा मडियाकछार के पांच परिवार कलाराम,सुखमति ,हीरामति,सुकमेत और रामबती को बीते तीन साल पहले शासकीय योजना पीएम आवास के तहत मकान बनाने की स्वीकृति मिली थी जिसका फायदा उठाने के लिए महिलाओं ने घर का निर्माण कार्य शुरू किया और ग्राम पंचायत मडियाकछार के सचिव अनंत चौहान ने भोले भाले आदिवासियों को अपने जाल में फंसा कर आवास पूर्ण खुद के द्वारा करने की बात कही और बैंक से आवास की पहली किस्त ,दूसरी और तीसरी किस्त निकाल कर गबन भी कर दिया, लेकिन जब आवास बीते 3 सालों में पूर्ण नहीं हुआ तो अधिकारियों ने कई बार नोटिस देकर काम पूरा करने आवास पूर्ण करने के लिए कहा जिस पर महिला ग्रामीणों ने असमर्थता जताते हुए पैसे की कमी बताइए लेकिन जब अधिकारियों ने शासन के द्वारा पैसा देने की बात कही गई जिसके बाद पूरा मामले का खुलासा हुआ कई बार लेलूंगा पंचायत में जाकर अधिकारियों को इसकी शिकायत भी की थी,लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं हो जिसके बाद ग्रामीण एक दिन पहले रायगढ़ पहुंचकर शहर के केवड़ा बड़ी बस स्टैंड में सोए और आज सुबह जिला सीईओ के कार्यालय शिकायत करने पहुंचे ग्रामीणों की बात सुनकर जिला सीईओ अभिजीत पठारे ने मामले की गंभीरता समझते हुए जांच के आदेश दिए और लगभग 100 किलोमीटर दूर से आए ग्रामीणों के खान और गांव तक जाने की भी व्यवस्था की इसके बाद ग्रामीण आस्वस्थ होकर अपनी गांव की ओर रवाना हो गए।








