कोरबा। एसएलआरएम सेंटर (कचरा संग्रहण केंद्र) में बकरियों के झुंड के साथ जंगली सुअर भी जा घुसा। इस बात से अंजान केंद्र का चौकीदार बकरियों को खदेड़ते हुए जंगल की ओर चला गया, जहां जंगली सुअर ने उस पर हमला कर दिया। अपनी जान सांसत में देख चौकीदार जंगली सुअर से भिड़ गया। किसी तरह उसने अपनी जान तो बचा ली, लेकिन खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया गया है।
घटना कटघोरा वनमंडल के दर्री सर्किल अंतर्गत तहसील कार्यालय में पीछे घटित हुई। दर्री के नगोईखार श्यामनगर लोरिक लाल यादव 60 वर्ष निवास करता है। वह तहसील कार्यालय दर्री के पीछे स्थित मणीकंचन केंद्र में चौकीदार का काम करता है। प्रतिदिन की तरह रविवार की रात भी लोरिक लाल काम पर गया था। वह रविवार की सुबह करीब सात बजे ड्यूटी खत्म कर घर लौटने की तैयारी कर रहा था। इसी बीच कुछ बकरियां कचरा संग्रहण केंद्र में पहुंच गई, जिन्हें हाथ में छोटा सा डंडा लेकर लोरिक खदेड़ते हुए थोड़ी दूर जंगल के भीतर चला गया। वह बकरियों के झुंड में घुसे जंगली सुअर से अंजान था। इस बात की भनक उसे तबलगी, जब एकाएक झुंड से निकले जंगली सुअर से दांत से उस पर हमला कर दिया।
पहले तो चौकीदारी बुरी तरह घबरा गया, लेकिन अपनी जान सांसत में देख उसने हिम्मत जुटाई। वह मदद के लिए चीख पुकार मचाते हुए हाथ में रखे डंडे से खुद का बचाने का प्रयास करता रहा। वह कुछ ही देर में जंगली सुअर को जंगल की ओर खदेड़ने मे कामयाब भी हो गया, लेकिन सुअर के हमले से वह खुद भी लहुलुहान हो चुका था। जंगली सुअर ने अपने धारदार दांत से उसके गले, पीठ, हाथ, जांघ व पैर के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में जख्मी कर दिया था। जानकारी होने पर केंद्र के सुपरवाइजर ने परिजनों को अवगत कराया। वे मौके पर पहुंचे और ऑटो रिक्शा से पीड़ित चौकीदार को सीधे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले आए, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है।
पीड़ित के पुत्र के राजू यादव ने बताया कि वह अपने पिता को सीधे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले आया। उसने कहा कि तहसील कार्यालय के पीछे जंगल में जंगली सुअर विचरण करते हैं, जो कभी कभार कालोनी में भी घुस आते हैं, जिससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत के निर्देश पर वनकर्मी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित को विभाग की ओर से तत्कालिक सहायता राशि प्रदान किया है।










