कोंडागांव। जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिरपुर से लापता महिला और उसके तीन वर्षीय मासूम बच्चे की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला कोई साधारण गुमशुदगी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी दोहरे हत्याकांड की साजिश निकला, जिसका मास्टरमाइंड खुद मृतका का पति था।
फरसगांव पुलिस के अनुसार, ग्राम सिरपुर निवासी भगवती सेठिया और उसका तीन वर्षीय बेटा वात्सल्य सेठिया 22 नवंबर को अचानक लापता हो गए थे। परिजनों ने पहले स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो 6 दिसंबर को मृतका के भाई आमदेव महावीर ने फरसगांव थाना पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव एसपी पंकज चंद्रा के निर्देश पर तत्काल तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। एडिशनल एसपी कौशलेंद्र देव पटेल और एसडीओपी अभिनव उपाध्याय स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे।
जांच के दौरान साइबर सेल और फरसगांव पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पाया कि भगवती सेठिया की आखिरी बातचीत उसके पति रोहित सेठिया से हुई थी। इसके बाद महिला का मोबाइल बंद हो गया। इसी बिंदु पर पुलिस का संदेह गहराया और पति की तलाश शुरू की गई। लेकिन तब तक आरोपी रोहित सेठिया मोबाइल बंद कर फरार हो चुका था।
एसडीओपी अभिनव उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूछताछ और तकनीकी जांच में यह सामने आया कि रोहित सेठिया ने अपने दो दोस्तों मिथलेश मरकाम और नरेश पांडे के साथ मिलकर अपनी पत्नी और मासूम बेटे की हत्या की योजना बनाई। गिरफ्तारी की भनक लगते ही तीनों अलग-अलग राज्यों की ओर फरार हो गए—कोई करीमनगर, कोई हरिद्वार और कोई कोलकाता। पुलिस की लगातार दबिश के बाद 13 दिसंबर को पहले मिथलेश को पकड़ा गया, फिर उसकी निशानदेही पर नरेश और रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि रोहित सेठिया का बसंती प्रधान नामक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी कारण उसने पत्नी और बच्चे को रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोपी पत्नी और बच्चे को विशाखापत्तनम घुमाने के बहाने घर से ले गया और ओडिशा मार्ग पर सुनसान जगह में कार के भीतर ही गला घोंटकर दोनों की हत्या कर दी। महिला के शव को पत्थर से बांधकर इंद्रावती नदी में फेंक दिया गया, जबकि मासूम बच्चे की लाश को पास के एक तालाब में ठिकाने लगाया गया।
23 दिसंबर को ओडिशा के नवरंगपुर जिले के कुसुमगुड़ा क्षेत्र में इंद्रावती नदी से महिला के शव की शिनाख्त हुई। पुलिस ने मुख्य आरोपी रोहित सेठिया, उसके दोस्त मिथलेश मरकाम और नरेश पांडे के अलावा हत्या में सहयोग करने के आरोप में रोहित के पिता रामचंद सेठिया, मां उर्मिला सेठिया, मामा प्रभु पांडे और प्रेमिका बसंती प्रधान को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि विवेचना अभी जारी है।
इधर इस जघन्य हत्याकांड को लेकर मृतका के परिजनों और कलार समाज में भारी आक्रोश है। परिजनों ने सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। साथ ही शासन-प्रशासन से आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि ऐसे घिनौने अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा अपराध करने की हिम्मत न कर सके।










