रायगढ़। रायगढ़ जिले में स्पंज आयरन उद्योगों से निकलने वाली फ्लाई ऐश पर्यावरण विभाग के साथ-साथ इससे जुड़े अधिकारी व दलालों के लिये कमाई का जरिया बन चुकी है। इतना ही नही लगातार नियमों के विपरीत इसके डंपिंग पर भी लीपापोती करके संबंधित ठेकेदार व उद्योग को क्लीन चीट दे दी जाती है। रायगढ़ जिले के घरघोडा ब्लाक में स्थित टीआरएन सहित कई अन्य उद्योग हैं जो अनुमती के नाम पर मनमानी करते आ रहे हैं।
एक जानकारी के अनुसार हाल ही में लैलूंगा पुलिस ने एक साथ लगभग एक दर्जन गाड़ियों को अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था और बकायदा जब्ती कार्रवाई करने के बाद इसकी डायरी पर्यावरण विभाग को भेजी गई थी ताकि संबंधित वाहनों चालकों व इससे जुड़े लोगों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई हो सके। इस मामले में लैलंूगा थाना प्रभारी गिरधारी साव ने बताया था कि शिकायत के बाद उन्होंने लगभग एक दर्जन गाडियों को लैलूंगा ब्लाक के ऐसी जगह से पकड़ा था जहां अवैध रूप से फ्लाई ऐश डाली जा रही थी और मौके पर जिन वाहन चालकों से पूछताछ की गई तो वे अनुमती संबंधी कागजात दिखा नही पाये और वहीं जब हमने जिले के पर्यावरण अधिकारी अंकुर साहू से बात की तो उनका कहना था कि लैलूंगा थाने से गाडियां जब्ती करके उनके कागजात यहां भेजे गए थे लेकिन उन कागजातों में पुलिस द्वारा कोई ऐसी जानकारी नही दी गई जिससे कार्रवाई की जा सके। इसलिये सभी गाडियों के कागजात मूलतः लैलूंगा थाने भेज दिये गए थे और नियमों के तहत इन सभी गाडियों के पास अनुमती होनें की जानकारी उनके पास थी।
सभी गाडियां छोड़ी गई और हो गई लीपापोती
लैलूंगा थाने में जब्त की गई सभी फ्लाई ऐश से लगे वाहनों को छोड़ दिया गया और यह बताया गया कि इनके चालकों के पास बकायदा अनुमती थी, मजे की बात यह थी कि जब लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव ने इस अवैध डंपिंग मामले में रंगे हाथ पकड़ा था तब वो अनुमती कहां थी। हम आपको बता दें कि रायगढ़ जिले के घरघोड़ा ब्लाक सहित जिले के अलग-अलग इलाकों में जिस तरह कथित तौर पर पर्यावरण विभाग द्वारा क्षेत्र के एसडीएम से मिली अनुशंसा के विपरीत कागजात जारी किये जाते हैं उसमें एक बड़ी सेटिंग पर्यावरण विभाग के एक कर्मचारी द्वारा की जाती है जो खुलेआम पैसे लेकर फ्लाई ऐश डंपिंग से संबंधित ठेकेदार को कहीं भी डालने की अनुमती देता है और यही कारण है कि पहले तो औद्योगिक घरानों की चिमनियां उसके बाद फ्लाई ऐश से बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिये बड़ा खतरा बना हुआ है और ऐसे में संबंधित अधिकारी कंबल ओढकर घी पी रहे हैं, देखना यह है कि ऐसे मामले में साय सरकार कौन से कड़े कदम उठाती है।










