रायगढ़ । जिले में लगातार सामने आ रहे औद्योगिक हादसों के बीच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू की है। कारखानों में दुर्घटनाओं में कमी लाने और कर्मचारियों को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में मॉक ड्रिल और सुरक्षा कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में शुक्रवार को एनआर इस्पात एंड प्राइवेट लिमिटेड के कारखाना परिसर में फायर बेस्ड मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों को आग लगने की स्थिति में तत्काल बचाव कार्य, आग पर नियंत्रण पाने के तरीके तथा जान-माल की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किस प्रकार की आग में कौन-सा अग्निशामक यंत्र उपयोग किया जाना चाहिए।
मॉक ड्रिल के दौरान विशेषज्ञों ने आग लगने की संभावित परिस्थितियों का प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। वहीं 22 मई को एमएसपी स्टील में सुरक्षा वर्कशॉप एवं नॉलेज शेयरिंग सेशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के 10 बड़े कारखानों के लगभग 50 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न उद्योगों में अपनाई जा रही सुरक्षा व्यवस्थाओं, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तथा औद्योगिक जोखिमों को कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने म्यूचुअल एड सिस्टम के तहत उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रेरित किया। कारखाना प्रतिनिधियों ने स्पंज आयरन और स्टील मेकिंग प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों को लेकर प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया।
विभाग का मानना है कि लगातार जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण और सुरक्षा अभ्यास के माध्यम से औद्योगिक इकाइयों में हादसों की संभावनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।









