June 14, 2026

ऐप डाउनलोड करें

भगवान से नाराज युवक ने हनुमान प्रतिमा को पहुंचाया नुकसान, आस्था पर चोट से भड़के लोग, पुलिस ने लिया हिरासत में इस बार उमेश के सिर सज सकता है पीसीसी अध्यक्ष का ताज! दीपक बैज का कार्यकाल खत्म होने से पहले तेज हुई सियासी सरगर्मी लैलूंगा में नहर निर्माण के नाम पर लाखों का गड़बड झाला, 6 महीने में उखड़ा कांक्रीट, अब लीपापोती में जुटा विभाग जिला जेल में निरूद्ध बंदी की मेडिकल कालेज अस्पताल में संदिग्ध मौत, परिजनों ने मचाया हंगामा, जांच की मांग एसएसपी शशि मोहन सिंह ने ली मासिक क्राइम समीक्षा बैठक, अपराध नियंत्रण एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण पर दिया जोर, बाइक चोरों और फरार आरोपियों के विरुद्ध विशेष अभियान तेज करने के निर्देश, विशेष अभियान में बेहतर प्रदर्शन पर एसएसपी का जोर लूट की दो वारदातों का खुलासा, जोगीडीपा के दो आरोपी गिरफ्तार, मोटरसाइकिल चालक से नगदी और बाइक लूटने तथा युवक से मोबाइल छीनने की घटनाओं में कार्रवाई
भगवान से नाराज युवक ने हनुमान प्रतिमा को पहुंचाया नुकसान, आस्था पर चोट से भड़के लोग, पुलिस ने लिया हिरासत में इस बार उमेश के सिर सज सकता है पीसीसी अध्यक्ष का ताज! दीपक बैज का कार्यकाल खत्म होने से पहले तेज हुई सियासी सरगर्मी लैलूंगा में नहर निर्माण के नाम पर लाखों का गड़बड झाला, 6 महीने में उखड़ा कांक्रीट, अब लीपापोती में जुटा विभाग जिला जेल में निरूद्ध बंदी की मेडिकल कालेज अस्पताल में संदिग्ध मौत, परिजनों ने मचाया हंगामा, जांच की मांग एसएसपी शशि मोहन सिंह ने ली मासिक क्राइम समीक्षा बैठक, अपराध नियंत्रण एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण पर दिया जोर, बाइक चोरों और फरार आरोपियों के विरुद्ध विशेष अभियान तेज करने के निर्देश, विशेष अभियान में बेहतर प्रदर्शन पर एसएसपी का जोर लूट की दो वारदातों का खुलासा, जोगीडीपा के दो आरोपी गिरफ्तार, मोटरसाइकिल चालक से नगदी और बाइक लूटने तथा युवक से मोबाइल छीनने की घटनाओं में कार्रवाई

इस बार उमेश के सिर सज सकता है पीसीसी अध्यक्ष का ताज! दीपक बैज का कार्यकाल खत्म होने से पहले तेज हुई सियासी सरगर्मी

रायगढ़। प्रदेश के पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल आगामी कुछ दिनों में समाप्त होनें के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस में संगठन में बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। बैज के कार्यकाल के बाद नये प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सियासी सरगर्मी रायपुर से लेकर दिल्ली तक तेज हुई है। सूत्रांे की मानें तो पार्टी के भीतर प्रदेश स्तर पर चल रही सरगर्म चर्चाओं में इस बार आलाकमान प्रदेश संगठन की कमान किसी युवा, उर्जावान और शिक्षित जनप्रतिनिधि को सौंपने की तैयारी कर रहा है जिसे देखते हुए इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि खरसिया विधायक उमेश पटेल के सिर इस बार पीसीसी अध्यक्ष की ताज सज सकती है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के अंदूरूनी सूत्रों से छन-छन कर आ रही चर्चाओं के अनुसार पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता, छात्र राजनीति से लेकर संगठन तक मजबूत पकड़ और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए स्वाभाविक विकल्प माना जा रहा है।
हालांकि मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज भी दौड़ में बने हुए हैं। आदिवासी वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ और संगठन में सक्रिय भूमिका के चलते पार्टी उन्हें दोबारा मौका देने पर भी विचार कर सकती है। वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भी सार्वजनिक रूप से प्रदेशाध्यक्ष बनने की इच्छा जाहिर कर अपनी दावेदारी स्पष्ट कर दी है।
कांग्रेस ने पिछले वर्ष जिला स्तर पर बड़े पैमाने पर युवा चेहरों को जिम्मेदारी देकर संगठन में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत दिया था। अब माना जा रहा है कि इसी रणनीति को प्रदेश स्तर पर भी लागू किया जा सकता है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा अभनपुर में प्रस्तावित जिला अध्यक्षों के दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के बाद संगठनात्मक बदलाव को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कार्यक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस के नए नेतृत्व को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।
उमेश पटेल को छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सबसे शिक्षित, युवा और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। राजनीति में आने से पहले वे विदेश में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत रहे। पारिवारिक राजनीतिक विरासत और संगठनात्मक सक्रियता ने उन्हें प्रदेश की राजनीति में अलग पहचान दिलाई है।
उनके पिता स्वर्गीय नंदकुमार पटेल खरसिया विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे और अविभाजित मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ की राजनीति के प्रमुख कांग्रेस नेताओं में उनकी गिनती होती थी। वर्ष 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल और उनके बड़े पुत्र दिनेश पटेल शहीद हो गए थे। इस दुखद घटना के बाद उमेश पटेल ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और जनता तथा संगठन के बीच मजबूत पहचान बनाई।
उमेश पटेल लगातार तीन बार खरसिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं। भूपेश बघेल सरकार में उन्होंने उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा संभाला। शांत, सौम्य और अध्ययनशील व्यक्तित्व के कारण वे कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय माने जाते हैं।
उमेश पटेल पूर्व में छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं। युवा कांग्रेस का नेतृत्व करते हुए उन्होंने प्रदेशभर में संगठन को मजबूत करने और युवाओं को कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही कारण है कि उनकी पकड़ केवल खरसिया तक सीमित नहीं मानी जाती, बल्कि पूरे प्रदेश के युवा कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक ढांचे में उनका प्रभाव देखा जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवा नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव, स्वच्छ छवि, प्रशासनिक दक्षता और मजबूत जनाधार उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में अन्य दावेदारों की तुलना में विशेष बढ़त प्रदान करता है।
फिलहाल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों की निगाहें आलाकमान के फैसले पर टिकी हुई हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अनुभव पर भरोसा जताती है या फिर संगठन में नई ऊर्जा भरने के लिए युवा चेहरे उमेश पटेल पर बड़ा दांव खेलती है।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

और पढ़ें

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने ली मासिक क्राइम समीक्षा बैठक, अपराध नियंत्रण एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण पर दिया जोर, बाइक चोरों और फरार आरोपियों के विरुद्ध विशेष अभियान तेज करने के निर्देश, विशेष अभियान में बेहतर प्रदर्शन पर एसएसपी का जोर

7
Did you like our Portal?

Did you like our Portal?