रायगढ़ । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जनकल्याणकारी नेतृत्व और प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी की विकासोन्मुखी सोच के परिणामस्वरूप रायगढ़ जिले के ग्रामीण एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों को स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 3 करोड़ 20 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके तहत लैलूंगा विकासखंड के मुकडेगा तथा धरमजयगढ़ विकासखंड के हाटी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा। इस पहल से हजारों ग्रामीणों, आदिवासी परिवारों और खनन प्रभावित समुदायों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
स्वीकृत राशि में लैलूंगा विकासखंड के मुकडेगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण एवं उन्नयन हेतु 1 करोड़ 20 लाख 30 हजार तथा धरमजयगढ़ विकासखंड के हाटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 1 करोड़ 99 लाख 70 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दूरस्थ और खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना तथा ग्रामीणों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य केंद्रों के विकसित होने के बाद स्थानीय लोगों को छोटी-बड़ी बीमारियों के उपचार, प्राथमिक चिकित्सा, टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। गांव के समीप ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब इन स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण और उन्नयन से क्षेत्र के नागरिकों को उपचार के लिए जिला मुख्यालय या अन्य बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ग्रामीणों का परिवहन खर्च कम होगा, समय की बचत होगी और गंभीर परिस्थितियों में त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह पहल विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया बल, सुरक्षित प्रसव को मिलेगा बढ़ावा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाइयां, टीकाकरण और प्रसव संबंधी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा तथा जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इसके अलावा नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और पोषण संबंधी सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सकारात्मक परिवर्तन आने की उम्मीद है।
180 दिनों में तैयार होगी आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना, पारदर्शिता और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस
लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यपालन अभियंता, सीजीएमएससी बिलासपुर को इन कार्यों के निष्पादन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परियोजनाओं की निर्माण अवधि 180 दिन निर्धारित की गई है, जिससे निर्धारित समय में ग्रामीणों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। शासन के निर्देशानुसार निर्माण कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। निर्माण स्थल पर सूचना फलक स्थापित किए जाएंगे तथा कार्य की प्रत्येक प्रगति का फोटोग्राफिक रिकॉर्ड रखा जाएगा। इससे धन का सही उपयोग सुनिश्चित होगा और निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जा सकेगा। रायगढ़ जिले के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लिए यह स्वीकृति केवल भवन निर्माण की परियोजना नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित भविष्य और समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।










