रायगढ़। छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा दिए गए इस बयान कि “प्रदेश की 3 करोड़ जनता का विश्वास हमारी सरकार के साथ है और कांग्रेस अगले 25 वर्षों तक सत्ता में नहीं आएगी” पर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण रायगढ़ के प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
डनसेना ने मुख्यमंत्री के दावे को वास्तविकता से परे बताते हुए कहा कि यदि सरकार को वास्तव में जनता का विश्वास प्राप्त होता, तो प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर, बढ़ते बिजली बिल, लंबित शिक्षक भर्ती, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर जनता सड़कों पर आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं होती।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद अनेक उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे गरीब, मध्यमवर्गीय परिवार, किसान और छोटे व्यापारी आर्थिक बोझ झेल रहे हैं। सरकार इस गंभीर जनसमस्या का समाधान करने के बजाय केवल अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने में व्यस्त है।
डनसेना ने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने जनता को राहत देने और जनहित में निर्णय लेने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में जनता को राहत मिलने के बजाय महंगाई, बिजली और रोजगार जैसे मुद्दों पर निराशा हाथ लगी है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्मार्ट मीटर के विरोध में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं, जो सरकार की नीतियों के प्रति बढ़ते जनअसंतोष का प्रमाण हैं।
शिक्षक भर्ती पर भी सरकार को घेरा
तारेन्द्र डनसेना ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवा लंबे समय से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के अनेक वादे किए, लेकिन आज भी हजारों अभ्यर्थी नियुक्ति की राह देख रहे हैं। यदि सरकार वास्तव में युवाओं के हित में काम कर रही होती, तो शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाता।
उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, वहीं दूसरी ओर योग्य एवं प्रशिक्षित युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। सरकार को राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर शिक्षा और रोजगार जैसे मूलभूत विषयों पर गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
“जनता ही लोकतंत्र में अंतिम निर्णय करती है”
डनसेना ने मुख्यमंत्री के इस बयान पर भी आपत्ति जताई कि कांग्रेस 25 वर्षों तक सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भविष्य का निर्णय कोई सरकार नहीं, बल्कि जनता करती है। सरकार को भविष्यवाणियां करने के बजाय अपने कार्यों का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान, युवा, कर्मचारी, महिलाएं और आम उपभोक्ता अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्मार्ट मीटर, बढ़ती महंगाई, लंबित भर्तियां और जनहित के अन्य मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। कांग्रेस इन सभी जनसमस्याओं को लगातार उठाती रहेगी और सरकार को जवाबदेह बनाने का कार्य करती रहेगी।
अंत में डनसेना ने कहा, “सरकार चाहे जितने दावे कर ले, लेकिन प्रदेश की जनता सब देख रही है। जनता का विश्वास भाषणों से नहीं, बल्कि जनहित के कार्यों से जीता जाता है। आने वाले समय में प्रदेश की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सरकार के कार्यों का उचित मूल्यांकन करेगी।











