रायगढ़। छत्तीसगढ़ कलार महासभा, जिला रायगढ़ द्वारा भगवान श्री सहस्त्रबाहु अर्जुन जी के नाम पर निर्मित श्री सहस्त्रबाहु चौक के भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन 14 अगस्त (शुक्रवार) को किया जा रहा है। साथ ही मूर्ति का अनावरण किया जाएगा और वहां पर स्थित गार्डन का नामकरण भगवान श्री सहस्त्रबाहु से रखा गया है उसका भी लोकार्पण होगा। यह आयोजन सुबह 11 बजे श्री सहस्त्रबाहु चौक, कलेक्ट्रेट रोड, रायगढ़ में आयोजित होगा। कार्यक्रम को लेकर समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों में उत्साह का माहौल है।
समारोह में प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं समाज के प्रमुख पदाधिकारी के अलावा आसपास गांव और शहर से भारी संख्या में कलार समाज के लोग शामिल होंगे। मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री माननीय ओ.पी. चौधरी उपस्थित रहेंगे। वहीं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री माननीय श्याम बिहारी जायसवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी कलाकार दीक्षा जायसवाल से संपर्क किया जा रहा है। कलार समाज के होनहार बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान मेघावी समाज के छात्रों का सम्मान, समाज के बुजुर्गो का सम्मान के अलावा कलार समाज के सोशल मीडिया इन्फ्लुएर्न्सस व क्रिएटर्स का सम्मान होगा।
इसके अलावा राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, रायगढ़ नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान, छत्तीसगढ़ कलार महासभा के प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार जायसवाल तथा महासभा अध्यक्ष सरोज दुश्यंत डनसेना भी समारोह की शोभा बढ़ाएंगे।
कलार समाज के जिलाअध्यक्ष केशव जायसवाल एवं उनकी टीम द्वारा समाज और शहर के गणमान्य नागरिकों से अपील की जाती हैे कि पंजरी प्लांट के पास स्थित नगर निगम के आडिटोरियम में बड़ी संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई है। आयोजन समिति के अनुसार समारोह के बाद आगंतुकों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है।
कलार समाज के जिलाध्यक्ष केशव जायसवाल ने बताया कि भगवान श्री सहस्त्रबाहु अर्जुन जी यह मूर्ति प्रदेश में पहली बार रायगढ़ जिले में स्थापित किया जा रहा है जो कि समाज के लिये गौरव की बात है। यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और समाज के इतिहास को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।












