August 12, 2026

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जिला कांग्रेस ने मनाया पारंपरिक हरेली तिहार, गेड़ी चढ़कर व नारियल फेंककर निभाई छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा आवास योजना के हितग्राहियों के बच्चों ने जाना स्वतंत्रता संग्राम, संविधान व वीर शहीदों का गौरवशाली इतिहास, सूर्य विहार व कृष्ण वाटिका में प्रश्नोत्तरी, रंगोली प्रतियोगिता, बच्चों ने दिखाई प्रतिभा रायगढ़ चैम्बर की नई टीम को प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास अग्रवाल ने दी बधाई दो महीने से वेतन अटका, उधारी के सहारे घर चला रहे शराब दुकानों के सुरक्षाकर्मी हरेली तिहार पर बैगा ने किया गांव की खुशहाली और अच्छे फसल की कामना लेकर किया पूजा पाठ, पाठ माउली, घाट माउली , गौटीन गौंटिया, भात परसी, ठाकुर देव और रक्सा की हुई पूजा विश्व आदिवासी मूलनिवासी दिवस पर रायगढ़ में निकली भव्य रैली, समाज ने महापुरुषों को किया नमन
जिला कांग्रेस ने मनाया पारंपरिक हरेली तिहार, गेड़ी चढ़कर व नारियल फेंककर निभाई छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा आवास योजना के हितग्राहियों के बच्चों ने जाना स्वतंत्रता संग्राम, संविधान व वीर शहीदों का गौरवशाली इतिहास, सूर्य विहार व कृष्ण वाटिका में प्रश्नोत्तरी, रंगोली प्रतियोगिता, बच्चों ने दिखाई प्रतिभा रायगढ़ चैम्बर की नई टीम को प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास अग्रवाल ने दी बधाई दो महीने से वेतन अटका, उधारी के सहारे घर चला रहे शराब दुकानों के सुरक्षाकर्मी हरेली तिहार पर बैगा ने किया गांव की खुशहाली और अच्छे फसल की कामना लेकर किया पूजा पाठ, पाठ माउली, घाट माउली , गौटीन गौंटिया, भात परसी, ठाकुर देव और रक्सा की हुई पूजा विश्व आदिवासी मूलनिवासी दिवस पर रायगढ़ में निकली भव्य रैली, समाज ने महापुरुषों को किया नमन

हरेली तिहार पर बैगा ने किया गांव की खुशहाली और अच्छे फसल की कामना लेकर किया पूजा पाठ, पाठ माउली, घाट माउली , गौटीन गौंटिया, भात परसी, ठाकुर देव और रक्सा की हुई पूजा

 

रायगढ़। किसान मजदूरों का खास तिहार हरेली में अब रौनकता नहीं रह गई । इंटरनेट और मोबाइल की इस युग ने ग्रामीण संस्कृति को भी खोखला कर दिया है। खेती किसानी तो हो रही है लेकिन किसी के पास नागर, हल नहीं है, बैल और भैंसा भी नहीं है। आधुनिक खेती के इस दौर में बैल गाड़ी ,बेलन की प्रचलन भी खतम हो गई है। आज हरेली तिहार मनाई गई लेकिन वो उत्साह नहीं देखी गई ,हां परंपरा को बनाए रखने के लिए गांव के बैगा के पास सभी ने पूजा सामग्री भेज दी और कोई भी दिल चस्पी नहीं दिखाई कि देवलास में बैगा पूजा अर्चना कर रहा गांव की खुशहाली के लिए तो हम भी शामिल हो। बैगा ने पूजा अर्चना किया और सब के घरों में प्रसाद भिजवा कर अपनी अड़िहा और पियाई ले ली । अब तो गांव का लोहार भी कील ठोकने नहीं आ रहा, इसका कारण भी यही हो सकता है आखिर ठोके कील तो कहा सब तो पक्के मकान हो गया चौखट भी लोहे की । पहले लोहार लकड़ी के चौखट में कील ठोक कर मंत्र फूंक कर टोटका करता था ताकि मनहूस शक्तियां घर में हावी न हो बदले में उसे अड़िहा और पेशगी दी जाती थी। गांव का नरीहा, ग्वाला जो गौ चराता था वह भी गांव में नही है,अब तो कोई गौ पालन नहीं कर रहा ऐसे में ग्वाले की कमी भी हरेली तिहार की रौनकता को फीका कर दिया। गेड़ी की परंपरा भी अब नहीं रह गई सब अब मोबाइल में मस्त है। कुल मिलाकर महापल्ली में गांव के हनुमान मंदिर में पूजारी चंद्रकांत दास ने पूजा अर्चना किया, सुंदर कांड का पाठ किया और गांव के खुशहाली,अच्छी फसल के कामना की वही बैगा तेजराम राठिया ने दोनों देवालयों में जाकर पूजा अर्चना किया। ग्रामीण परम्परा का निर्वहन करते हुए ग्रामीणों ने श्रद्धा पूर्वक पूजा सामग्री दी। ग्राम देवता ठाकुर देव, पाठ माउली, घाट माउली, गौतिन गौंटिया, रक्सा और भात परसी जैसे सभी देवा देवियों को विधि विधान से पूजा अर्चना किया।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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