August 17, 2026

ऐप डाउनलोड करें

ऑपरेशन आघात के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 395 लीटर महुआ शराब जब्त, 6 आरोपी गिरफ्तार, शराब बनाने में प्रयुक्त गैस सिलेंडर, चुल्हा, बर्तन जब्त सुशासन तिहार” के नाम पर साय सरकार का जनसमुदाय से छलावा: खरसिया विधानसभा की स्वीकृत सड़कों को बजट से विलोपित कर अनुपूरक बजट में उलझाने का काम जारी — तारेन्द्र डनसेना बने खाबो–बने रहिबो 2.0’ अभियान: 17 से 23 अगस्त तक प्रदेशभर में खाद्य सुरक्षा की सघन जांच बने खाबो–बने रहिबो 2.0’ अभियान: 17 से 23 अगस्त तक प्रदेशभर में खाद्य सुरक्षा की सघन जांच प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी कलार समाज को बड़ी सौगात, समाज के पदाधिकारियों ने जताया आभार हाथियों के बीच ड्यूटी, ग्रामीणों की सुरक्षा का जुनून… वनरक्षक पालू साहू को मिला सम्मान, वन संरक्षण से लेकर पौधरोपण और वन अपराध पर कार्रवाई तक, 5 अन्य वनकर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों को भी मिला सम्मान
ऑपरेशन आघात के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 395 लीटर महुआ शराब जब्त, 6 आरोपी गिरफ्तार, शराब बनाने में प्रयुक्त गैस सिलेंडर, चुल्हा, बर्तन जब्त सुशासन तिहार” के नाम पर साय सरकार का जनसमुदाय से छलावा: खरसिया विधानसभा की स्वीकृत सड़कों को बजट से विलोपित कर अनुपूरक बजट में उलझाने का काम जारी — तारेन्द्र डनसेना बने खाबो–बने रहिबो 2.0’ अभियान: 17 से 23 अगस्त तक प्रदेशभर में खाद्य सुरक्षा की सघन जांच बने खाबो–बने रहिबो 2.0’ अभियान: 17 से 23 अगस्त तक प्रदेशभर में खाद्य सुरक्षा की सघन जांच प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी कलार समाज को बड़ी सौगात, समाज के पदाधिकारियों ने जताया आभार हाथियों के बीच ड्यूटी, ग्रामीणों की सुरक्षा का जुनून… वनरक्षक पालू साहू को मिला सम्मान, वन संरक्षण से लेकर पौधरोपण और वन अपराध पर कार्रवाई तक, 5 अन्य वनकर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों को भी मिला सम्मान

बने खाबो–बने रहिबो 2.0’ अभियान: 17 से 23 अगस्त तक प्रदेशभर में खाद्य सुरक्षा की सघन जांच

रायपुर। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए छत्तीसगढ़ में मिलावटी, अमानक और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने ‘बने खाबो–बने रहिबो 2.0’ सात दिवसीय सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान 17 से 23 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी जिलों में संचालित किया जाएगा।

अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान बाजार में बिकने वाली मिलावटी, अमानक, मिथ्याछाप और असुरक्षित मिठाइयों के निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ प्रतिबंधित डेयरी एनालॉग अथवा गैर-दुग्ध उत्पादों को दूध एवं दुग्ध उत्पाद के रूप में प्रस्तुत कर बेचने वालों की पहचान करना है। 31 जुलाई 2026 की राजपत्र अधिसूचना के तहत ऐसे गैर-दुग्ध खाद्य उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है, जो उपभोक्ताओं को वास्तविक दुग्ध उत्पाद होने का भ्रम पैदा करते हैं।

थोक बाजार से ग्रामीण दुकानों तक होगी निगरानी

अभियान के पहले दिन 17 अगस्त को प्रमुख शहरी थोक खाद्य एवं मिठाई बाजारों में विशेष जांच की जाएगी। इसमें मिठाई थोक विक्रेता, कन्फेक्शनरी कारोबारी, वितरक, मौसमी मिठाई विक्रेता और खाद्य सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं की जांच होगी। खरीद-बिक्री के बिल, सप्लायर का विवरण, बिना लेबल वाले कंटेनर, सामग्री सूची और संदिग्ध मिठाइयों की जांच के साथ उनकी सप्लाई चेन का भी सत्यापन किया जाएगा।

18 अगस्त को अस्थायी एवं मौसमी मिठाई निर्माण इकाइयों की जांच होगी। वहीं 19 अगस्त को पनीर, क्रीम, मक्खन, डेयरी उत्पाद विक्रेताओं तथा मिठाई दुकानों में इस्तेमाल होने वाली दुग्ध सामग्री की विशेष जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि दूध से बनी मिठाई के नाम पर कहीं वनस्पति तेल या वनस्पति वसा से तैयार उत्पाद तो नहीं बेचा जा रहा है।

गांवों और हाट-बाजारों पर भी रहेगी नजर

20 और 21 अगस्त को ग्रामीण क्षेत्रों की मिठाई दुकानों, छोटे कन्फेक्शनरी कारोबारियों, अस्थायी विक्रेताओं, स्थानीय वितरकों और साप्ताहिक हाट-बाजारों में जांच अभियान चलेगा। बिना लेबल, बिना सामग्री विवरण और बिना स्रोत वाली मिठाइयों की पहचान की जाएगी। संदिग्ध मिठाई मिलने पर कार्रवाई केवल खुदरा विक्रेता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बिल एवं सप्लायर की जानकारी के आधार पर निर्माता और थोक विक्रेता तक स्रोत की पहचान की जाएगी।

22 अगस्त को होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले Butter, Cream, Cheese और Paneer जैसे उत्पादों की जांच होगी। वहीं 23 अगस्त को पिछले छह दिनों में चिन्हित हाई-रिस्क प्रतिष्ठानों का फॉलो-अप निरीक्षण किया जाएगा।

संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएंगे

जांच के दौरान मिलावट, अमानकता, गलत लेबलिंग या उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाली जानकारी मिलने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। उपलब्ध तथ्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संदिग्ध खाद्य पदार्थों को रोकने, हटाने, जब्ती और अन्य विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल किसी मिठाई में वनस्पति तेल या वनस्पति वसा पाए जाने मात्र से उसे स्वतः प्रतिबंधित डेयरी एनालॉग नहीं माना जाएगा। उत्पाद का नाम, वास्तविक प्रकृति, सामग्री और बाजार में उसकी प्रस्तुति को देखते हुए लागू खाद्य मानकों एवं नियामकीय प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान जांच के साथ जन-जागरूकता और मीडिया प्रचार को भी अनिवार्य रखा गया है। प्रत्येक जिले से प्रतिदिन की कार्रवाई, लिए गए नमूनों, पाए गए उल्लंघनों और की गई वैधानिक कार्रवाई की जानकारी संकलित कर रिपोर्टिंग की जाएगी।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

और पढ़ें

हाथियों के बीच ड्यूटी, ग्रामीणों की सुरक्षा का जुनून… वनरक्षक पालू साहू को मिला सम्मान, वन संरक्षण से लेकर पौधरोपण और वन अपराध पर कार्रवाई तक, 5 अन्य वनकर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों को भी मिला सम्मान

10
Did you like our Portal?

Did you like our Portal?