सीतापुर। सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन क्लीन के तहत संभागीय आबकारी उड़नदस्ता की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 6 लाख रुपये कीमत के नशीले कैप्सूल, टैबलेट और कफ सिरप जब्त किए हैं। इस मामले में सीतापुर निवासी संजय विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद हुई हैं। आबकारी विभाग की टीम आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे रिमांड पर लेने की प्रक्रिया में जुटी है।
बोरी लेकर खड़ा था आरोपी, टीम को देखकर भागने लगा
जानकारी के अनुसार, सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में संभागीय आबकारी उड़नदस्ता की टीम सीतापुर क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम तपेश्वरी गौड़ा मैदान पहुंची, जहां एक व्यक्ति बोरी लेकर खड़ा दिखाई दिया। सरकारी वाहन को देखते ही वह भागने लगा। संदेह होने पर टीम के नगर सैनिक ने दौड़ाकर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने अपना नाम संजय विश्वकर्मा बताया। बोरी में रखे सामान के संबंध में पूछने पर उसने नशीले कैप्सूल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद बोरी की तलाशी ली गई तो टीम भी बरामदगी की मात्रा देखकर चौंक गई। बोरी के भीतर बड़ी संख्या में नशीले कैप्सूल, टैबलेट और कफ सिरप रखे हुए थे।
14 हजार से अधिक कैप्सूल समेत नशीली दवाओं का जखीरा बरामद
आबकारी उड़नदस्ता की टीम ने आरोपी के कब्जे से कुल चार प्रकार की नशीली दवाएं बरामद की हैं। इनमें 14,144 नग Spasmo Proxyvon Plus कैप्सूल, 880 नग Nitrosum-10 टैबलेट, 1,110 नग Alprascen टैबलेट और 20 नग Onerex कफ सिरप शामिल हैं। जब्त सामग्री का बाजार मूल्य लगभग 6 लाख रुपये आंका गया है।
गढ़वा से माल लाने की बात, अनमोल गुप्ता का नाम आया सामने
पूछताछ के दौरान आरोपी संजय विश्वकर्मा ने कथित तौर पर बताया कि बरामद नशीली दवाएं सीतापुर निवासी अनमोल गुप्ता की हैं। उसने अनमोल गुप्ता के साथ कारोबार करने और उसके लिए गढ़वा जाकर माल लाने की बात भी कही है। हालांकि, इस संबंध में आगे की जांच और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पुष्टि होना बाकी है।
आबकारी विभाग ने संजय विश्वकर्मा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) और 22(सी) के तहत कार्रवाई की है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन के तहत यह एक महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने कहा कि सीतापुर क्षेत्र में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। टीम लगातार निगरानी कर रही थी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई।
इस पूरी कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में आबकारी आरक्षक श्याम सुंदर सिंह, दीपक पांडेय तथा नगर सैनिक गणेश पांडेय, रणविजय सिंह और रोहित सोनवानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










