रायगढ़। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा से अलग राजनीतिक दलों, क्षेत्रीय संगठनों एवं जनआंदोलनों को साझा मंच पर एकजुट करने और वैकल्पिक राजनीतिक मंच की संभावनाओं पर संवाद स्थापित करने की पहल की गई है। बेबीलोन कैपीटल में हुए इस बैठक में आप आदमी पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, जोगी जनता कांग्रेस पार्टी सहित कई अन्य राजनीतिक पार्टी और सामाजिक संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधिगण उपस्थित रहें।
इस पहल में तीसरे मोर्चे से रायगढ़ में महापौर चुनाव लड़ चुके सिरिल कुमार की खास भूमिका रही है। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद सिरिल धृतलहरे लगातर अन्य राजनीतिक दलों को जोड़कर तीसरा विकल्प बनाने का प्रयास कर रहे थे और अब पूरे छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़वाने की कवायद तेज हो गयी है। तीसरा मोर्चा छत्तीसगढ़ का ये दूसरा बैठक भी पूरी तरह से सफल रहा, जहां प्रदेश के क्षेत्रीय हितों, जन-जन के अधिकारों और जनसमस्याओं को लेकर एक साझा राजनीतिक विकल्प बनाने के संबंध में ये सफल बैठक सम्पन्न हुआ।
नवगठित मंच ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद के 26 वर्षों में कांग्रेस और भाजपा के शासनकाल के दौरान किए गए चुनावी वादों, नीतियों और विकास के परिणामों का तथ्यात्मक राजनीतिक मूल्यांकन आवश्यक है। प्रदेश की जनता को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक संसाधनों में न्यायसंगत भागीदारी जैसे मुद्दों पर स्पष्ट नीति और जवाबदेही मिलनी चाहिए।
सिरिल कुमार ने प्रस्ताव रखा कि कांग्रेस और भाजपा से अलग राजनीतिक दलों एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के बीच साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार किया जाए, जिसमें स्थानीय युवाओं के रोजगार, किसानों-मजदूरों के हित, प्रशासन में जवाबदेही, सभी समाज की आकांक्षाओं और क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के उपाय शामिल हों।
उन्होंने आगे कहा कि प्रस्तावित मंच किसी एक दल के वर्चस्व या विलय पर आधारित न होकर सभी सहभागी संगठनों की स्वतंत्रता, सम्मानजनक भागीदारी और पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया के सिद्धांतों पर विकसित होना चाहिए। साथ ही सभी सहभागी दलों एवं संगठनों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रदेश के अधिकारों, रोजगार, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय विकास के सवालों पर सार्थक संवाद करें।
मंच की प्राथमिकता है कि विभिन्न राजनीतिक शक्तियाँ पहले जनहित के मुद्दों पर सहमति बनाएं और उसके बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से साझा राजनीतिक दिशा तय करें।
बैठक में शामिल आम आदमी पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, जोगी जनता कांग्रेस, हमर राज पार्टी, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच एवं अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने तीसरे राजनीतिक विकल्प को मजबूत बनाने के लिए आपसी समन्वय, संवाद और साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। बैठक के अंत में छत्तीसगढ़ के विकास, क्षेत्रीय अधिकारों और जनहित को प्राथमिकता देते हुए एक साझा राजनीतिक विकल्प तैयार करने की दिशा में प्रयास जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया।
“छत्तीसगढ़ का हर आदमी खुश रहेगा, यह हमारा संकल्प है।”










