September 28, 2026

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साइबर जागृति अभियान” : मुख्य मार्ग पर लोगों को एकत्रित कर भूपदेवपुर पुलिस ने समझाए साइबर ठगी से बचाव के उपाय, साइबर जागृति अभियान” के सातवें सप्ताह में ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में लगेगी साइबर चौपाल

 

रायगढ़ । साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। रायगढ़ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में अभियान के तहत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में लगातार विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भूपदेवपुर पुलिस द्वारा स्कूलों, स्थानीय प्लांट एवं ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के साथ अब मुख्य मार्गों पर लोगों के समूहों को एकत्रित कर उन्हें साइबर अपराध के नए तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

पुलिसकर्मियों द्वारा नागरिकों को बताया जा रहा है कि साइबर अपराधी फर्जी बैंक कॉल, KYC अपडेट, OTP, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक, QR कोड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, ऑनलाइन नौकरी एवं निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर और डिजिटल अरेस्ट जैसे अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। पुलिस ने समझाया कि बैंक, पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी के नाम पर फोन करने वाला कोई व्यक्ति यदि OTP, ATM/CVV, UPI PIN, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी मांगता है तो ऐसी जानकारी किसी भी स्थिति में साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, APK या अनजान एप डाउनलोड करने तथा बिना जानकारी के QR कोड स्कैन करने से भी बचना चाहिए। नागरिकों को विशेष रूप से बताया गया कि UPI PIN केवल पैसे भेजते समय दर्ज किया जाता है, पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN की आवश्यकता नहीं होती।

पुलिसकर्मियों ने “डिजिटल अरेस्ट” के संबंध में भी लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि साइबर ठग पुलिस, CBI, ED, RBI अथवा अन्य सरकारी एजेंसी के अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन के माध्यम से लोगों को डराते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे की मांग करते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय कॉल को तत्काल समाप्त कर संबंधित पुलिस अथवा आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। किसी भी वास्तविक सरकारी एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल पर व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” कर पैसे जमा कराने की प्रक्रिया नहीं होती। सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से सावधानी बरतने, निजी फोटो-वीडियो एवं गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने तथा संदिग्ध प्रोफाइल और लिंक से दूरी बनाए रखने की भी अपील की गई।

पुलिसकर्मियों ने नागरिकों को यह भी बताया कि ऑनलाइन खरीदारी, नौकरी, लोन, निवेश, बीमा, लॉटरी या आकर्षक ऑफर के नाम पर प्राप्त होने वाले संदेशों पर तत्काल भरोसा न करें और किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। साइबर ठगी होने की स्थिति में समय गंवाए बिना तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें तथा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को तत्काल सूचना देकर संदिग्ध लेनदेन को रोकने का प्रयास करें। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती समय में की गई शिकायत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए घटना छिपाने या देरी करने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करना चाहिए।

*साइबर जागृति अभियान का सातवां सप्ताह : गांव-गांव लगेगी “साइबर चौपाल”*
बता दें कि “साइबर जागृति अभियान” का सातवां सप्ताह 27 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में “साइबर चौपाल” का आयोजन कर आम नागरिकों से सीधे संवाद किया जाएगा। चौपाल में साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, OTP/UPI फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध, ऑनलाइन ठगी के सामान्य तरीकों और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के संबंध में जानकारी दी जाएगी। रायगढ़ पुलिस का उद्देश्य है कि डिजिटल तकनीक का उपयोग करने वाला प्रत्येक नागरिक साइबर अपराध के खतरों को समझे, सतर्क रहे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल पुलिस की सहायता ले।

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Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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