दंतेवाड़ा से रायपुर तक कलेक्टर की जिम्मेदारी, फिर IAS सेवा छोड़कर राजनीति में प्रवेश; 2023 में रायगढ़ से विधायक बने और दिसंबर में साय सरकार में मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी
रायगढ़। छत्तीसगढ़ की राजनीति में ओपी चौधरी एक ऐसे चेहरे के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने प्रशासनिक सेवा से निकलकर सियासत में अपनी अलग पहचान बनाई। कभी IAS अधिकारी के रूप में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने वाले ओपी चौधरी आज छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री हैं। दंतेवाड़ा से लेकर रायपुर तक कलेक्टर के रूप में काम करने और फिर राजनीति में कदम रखने तक का उनका सफर दिलचस्प रहा है।
ओपी चौधरी का पूरा नाम ओम प्रकाश चौधरी है। उन्होंने वर्ष 2005 में छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी के रूप में प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने दंतेवाड़ा और जांजगीर-चांपा जैसे जिलों में कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद रायपुर कलेक्टर के रूप में भी उन्होंने प्रशासनिक दायित्व निभाया। प्रशासनिक सेवा में काम करने के दौरान उन्हें शासन व्यवस्था, विकास कार्यों और जनसमस्याओं को करीब से समझने का अवसर मिला।
IAS की नौकरी छोड़ राजनीति में रखा कदम
प्रशासनिक सेवा में अपनी पहचान बनाने के बाद ओपी चौधरी ने वर्ष 2018 में IAS सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और सार्वजनिक जीवन में एक नई पारी की शुरुआत की। प्रशासनिक अनुभव को राजनीतिक कार्यक्षेत्र में इस्तेमाल करने की उनकी कोशिश ने उन्हें प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनाया।
हालांकि, राजनीति में प्रवेश के बाद उन्हें चुनावी मैदान में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने राजनीतिक सक्रियता जारी रखी। इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रायगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर विधायक बने।
विधायक से मंत्री तक का सफर
वर्ष 2023 में रायगढ़ विधानसभा से जीत हासिल करने के बाद ओपी चौधरी को दिसंबर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में मंत्री बनाया गया। इस तरह प्रशासनिक अधिकारी से राजनेता बनने तक का उनका सफर एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचा। IAS अधिकारी के रूप में शासन-प्रशासन का अनुभव और फिर चुनावी राजनीति में मिली सफलता उनकी सार्वजनिक छवि के प्रमुख पहलू बन गए।
प्रशासनिक अनुभव बनी राजनीतिक पहचान
ओपी चौधरी के राजनीतिक सफर की खास बात यह है कि उन्होंने प्रशासनिक सेवा में काम करने के बाद राजनीति को अपना कार्यक्षेत्र बनाया। कलेक्टर के रूप में जिलों की जिम्मेदारी संभालने से लेकर विधायक और मंत्री बनने तक की उनकी यात्रा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय रही है। रायगढ़ से विधायक बनने के बाद अब राज्य सरकार में मंत्री के रूप में उनकी भूमिका पर भी लोगों की नजर रहती है।
IAS अधिकारी से मंत्री तक का यह सफर ओपी चौधरी की राजनीतिक यात्रा का अहम अध्याय है। प्रशासनिक अनुभव, संगठनात्मक सक्रियता और चुनावी सफलता के मेल ने उन्हें छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा बनाया है।










