रायगढ़। विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर रायगढ़ विधायक एवं प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी जी द्वारा लगाए गए आरोप निराधार, भ्रामक और राजनीतिक पूर्वाग्रह से प्रेरित हैं। कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा संप्रभुता, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और देश के संसाधनों पर जनता के अधिकारों की रक्षा करना विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है। सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना देशविरोध या दोगलापन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी है।
कांग्रेस का सवाल है कि आखिर भाजपा नेताओं को हर सवाल में विरोध क्यों दिखाई देता है, और अपने पसंदीदा उद्योगपतियों के हितों पर सवाल उठते ही देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने की जरूरत क्यों पड़ जाती है? प्रदेश प्रवक्ता संजय देवांगन ने कहा कि
. देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने से पहले भाजपा अपने रवैये का जवाब दे
जब भी विदेशी कंपनियों, स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं, डेटा सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता से जुड़े सवाल उठते हैं, तब कांग्रेस का उद्देश्य स्पष्ट रहता है—देश के नागरिकों का डेटा सुरक्षित रहे, राष्ट्रीय हितों से समझौता न हो और देश का बाजार किसी एक कारोबारी समूह के प्रभाव में सीमित न हो।
यदि कांग्रेस इन विषयों पर सवाल उठाती है, तो भाजपा उसे दोगलापन बताती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या राष्ट्रीय हितों पर सवाल पूछना केवल सत्ता पक्ष का अधिकार है? क्या विपक्ष को सरकार की नीतियों की समीक्षा करने का अधिकार नहीं है? संजय देवांगन ने आगे कहा कि
देशभक्ति का अर्थ सरकार के हर फैसले पर ताली बजाना नहीं, बल्कि देशहित के विरुद्ध आशंका दिखाई देने पर सवाल पूछना भी है।
. खेत-खलिहान से लेकर एयरपोर्ट और इंटरनेट तक—संसाधनों पर जनता का हित सर्वोपरि
आज कांग्रेस भाजपा से पूछना चाहती है कि खेत, खलिहान, फसल, गोदाम, नदी, जल, जंगल और जमीन से लेकर एयरपोर्ट, बंदरगाह और इंटरनेट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े कारोबारी समूहों की बढ़ती भूमिका पर सवाल उठाने से भाजपा को इतनी परेशानी क्यों होती है?
कांग्रेस का विरोध किसी उद्योगपति के व्यवसाय करने या निवेश करने से नहीं है। हमारा सवाल उस व्यवस्था से है, जिसमें चंद बड़े कारोबारी समूहों के हाथों में आर्थिक शक्ति और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रभाव के अत्यधिक केंद्रीकरण की आशंका पैदा होती है।
खेत-खलिहान किसान के हैं, जल-जंगल-जमीन जनता की धरोहर हैं, देश के संसाधन देश की संपत्ति हैं और लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। इन सबके बीच किसी भी कारोबारी समूह को इतना प्रभावशाली नहीं होना चाहिए कि सरकार की नीतियों और बाजार की प्रतिस्पर्धा पर उसके हित हावी होने लगें।
यदि भाजपा को लगता है कि कांग्रेस का यह सवाल गलत है, तो उसे तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए, न कि सवाल पूछने वालों के चरित्र पर टिप्पणी करनी चाहिए।
. अब सैटेलाइट और इंटरनेट पर भी सवाल पूछना गुनाह हो गया?
स्टारलिंक जैसी विदेशी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के भारत में विस्तार से जुड़े विषय पर डेटा सुरक्षा, लाइसेंसिंग, राष्ट्रीय सुरक्षा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को लेकर सवाल उठाना स्वाभाविक है। इन सवालों का जवाब स्पष्ट नियमों, पारदर्शी नीतियों और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था से दिया जाना चाहिए।
लेकिन भाजपा का रवैया ऐसा दिखाई देता है कि जब किसी नीति पर सवाल उठे, तो उसे देशहित के विरुद्ध बताने की कोशिश की जाए; और जब कांग्रेस सवाल पूछे, तो उस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगा दिया जाए।
कांग्रेस भाजपा से पूछती है—जब खेत-खलिहान, फसल, गोदाम, जल, जंगल, जमीन, एयरपोर्ट, बंदरगाह और इंटरनेट जैसे क्षेत्रों में बड़े कारोबारी समूहों की भूमिका पर सवाल उठते हैं, तो जवाब देने के बजाय इतनी राजनीतिक बेचैनी क्यों दिखाई जाती है? क्या अब सैटेलाइट और इंटरनेट जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर भी सवाल पूछने का अधिकार खत्म कर दिया जाए?
. राहुल गांधी का सवाल—एकाधिकार नहीं, समान अवसर चाहिए
श्री राहुल गांधी लगातार आर्थिक असमानता, सत्ता और पूंजी के केंद्रीकरण तथा आम नागरिकों और छोटे कारोबारियों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी भी उद्योगपति को राजनीतिक निकटता के आधार पर अनुचित लाभ नहीं मिलना चाहिए।
विदेशी निवेश हो या स्वदेशी उद्योग, सभी के लिए नियम समान होने चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा संरक्षण के मानक भी किसी कंपनी के नाम या राजनीतिक संबंध देखकर तय नहीं होने चाहिए।
कांग्रेस तकनीक, निवेश और विकास की विरोधी नहीं है। कांग्रेस उस व्यवस्था के खिलाफ है, जिसमें विकास के नाम पर जनता के हित पीछे छूट जाएं और आर्थिक शक्ति कुछ हाथों में सिमटती चली जाए। संजय देवांगन पूछते हैं
. भाजपा बताए—सवालों से इतनी घबराहट क्यों?
प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे नेता से अपेक्षा है कि वे गंभीर राष्ट्रीय और आर्थिक मुद्दों पर तथ्यात्मक जवाब दें। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से न तो डेटा सुरक्षित होगा, न बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी और न ही आम नागरिकों की चिंताओं का समाधान होगा।
भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि वह आर्थिक एकाधिकार की आशंकाओं, डेटा सुरक्षा, राष्ट्रीय संसाधनों के उपयोग और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा जैसे सवालों पर ठोस जवाब देने के बजाय कांग्रेस पर आरोप लगाने को प्राथमिकता क्यों दे रही है।
कांग्रेस पार्टी का संदेश स्पष्ट है देशभक्ति किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं है और न ही उद्योगपतियों के हितों की रक्षा को देशहित का पर्याय बनाया जा सकता है।
हर क्षेत्र में देशहित, जनहित और पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए।
भाजपा को यह समझना होगा कि सवाल पूछने वाला हर व्यक्ति देशविरोधी नहीं होता और सरकार की आलोचना करने वाला हर विपक्षी नेता दोहरे चरित्र का नहीं होता।
सवाल पूछना लोकतंत्र है, जवाबदेही देशभक्ति है और जनता के हितों की रक्षा करना विपक्ष का धर्म है।
भाजपा चाहे जितने आरोप लगाए, कांग्रेस जनता के अधिकारों, राष्ट्रीय हितों, डेटा सुरक्षा और एकाधिकार मुक्त अर्थव्यवस्था के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। संजय देवांगन ने आगे कहा कि
माननीय ओपी चौधरी जी सबसे पहले आप अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता का हित करें ये कम्पनी से उड़ते डस्ट को रोकें जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, सड़क को सुधारें जिसमें असमय लोगों की जान जा रही है, कटते जंगलों पर ध्यान दीजिए जिससे पूरे छत्तीसगढ़ मे गर्मी बेतहाशा बढ़ रही है, नदी, तलाब, नाले को संरक्षित करें जो दिनों दिन दूषित होते जा रही है और जलस्तर घटते जा रही है










