धरमजयगढ़ में भारतमाला परियोजना का कार्य लम्बे समय से चलता आ रहा हैं जो शुरू से विवादों में रहा हैं। भारतमाला का कार्य धरमजयगढ़ में हो या अन्य जगहों पर यह हमेशा विवादों और समाचार की सुर्खियों में बना रहा हैं जिसमें भ्रष्टाचार से लेकर लापरवाही तक की खबरें सामने आतें रहतें हैं। धरमजयगढ़ में भारतमाला मुआब्जा और शेड निर्माण सुर्खियों में बना रहा और अब इससे सम्बंधित कार्य में पेड़ों की अंधाधुंद कटाई सामने आई हैं।
जानकारी बता दे की भारतमाला सडक निर्माण कार्य बायसी और धरमजयगढ़ के बीच चल रहा। पहले से यहां कई हाईटेंशन टावर लाइन मौजूद हैं जो भारतमाला सडक के कारण कई टावर कों नए जगह पर निर्माण कार्य किया जा रहा। एक तो यह नए निर्माण हो रहें टावर लाइन से खेतो और फसलों के नुकसान का मुआब्जा के लिए लोंग दर दर की ठोकरे खाने कों मजबूर हो रहें और इसके बीच पड़ रहें पेड़ों कों गाजर मूली की तरह काट दिया गया हैं जिसका मुआब्जा ना तो खेत मालिकों कों मिला हैं ना इसका परमिशन लिया गया हैं। इस सम्बन्ध में टावर निर्माण कर रहें लोगों से ज़ब पुछा जाता हैं तब वो कह देते हैं यह हमारा कार्य हैं टावर खड़ा करना और इसके अलावा ज़मीन और अन्य दस्तावेज के सभी कार्य भारतमाला सडक निर्माण कर रही कंपनी करती हैं। वही देखा जाए तो आए दिन भारतमाला निर्माण कर रही कंपनी के कर्मचारी तहसील परिसर में घूमते दिखाई पड़ जाते हैं फ़िर भी उनके द्वारा परमिशन ना लेना कई सवालों कों जन्म देता हैं साथ ही पेड़ कटाई पर सम्बंधित अधिकारी कर्मचारी क्यों चुप्पी साधे बैठे रहतें हैं यह भी समझ से परे हैं। अबतक इस सम्बन्ध में अनुविभगीय अधिकारी राजस्व के प्रवीण भगत कों लिखित शिकायत दी गई हैं पर इसपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही










