रायगढ़. अपरसत्र न्यायाधीश श्रीमान अभिषेक शर्मा के न्यायालय ने हत्या के आरोपी अलवंन तिग्गा को उसकी पत्नी ग्रेस तिग्गा की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा1000 के अर्थ दण्ड से दंडित करने का दण्डादेश दिया।
मामले का संक्षिप्त विवरण देते हुए अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि थाना लैलूंगा के 2022 के अनुसार घटना 16 अपै्रल 2022 की है। सूचक अल्फोंन तिग्गा ने थाना लैलूंगा मैं उपस्थित होकर सूचना दिया कि उसके ससुर अभियुक्त अलवन तिग्गा द्वारा उसकी सास श्रीमती ग्रेस तिग्गा के साथ 15 अपै्रल को शाम 7ः00 से 8ः00 बजे के बीच खाने पीने की बात को लेकर लड़ाई झगड़ा हुआ।
पति पत्नी के मध्य विवाद इतना बढ़ गया कि, अभियुक्त पति ने अपनी पत्नी के गले छाती में टांगी से तीन चार बार वार किया जिससे मृतिका को गंभीर चोट आई और उसकी मृत्यु हो गई। सूचक अल्फोंन तिग्गा को मनोज एक्का के द्वारा फोन से घटना की सूचना दी गई तब सूचना कर्ता अपने ससुराल में जाकर देखा तो उसकी सास घर के अंदर चित हालत में पड़ी थी तथा उसके गले एवं छाती में तीन चार जगह गहरी चोट के निशान थे, सूचक अल्फोंन तिग्गा ने घटना के बारे में जोसेफ बड़ा जगलाल डेल्की राकेश किंडो एवं ललित कुमार राठिया को बताया था सूचक की सूचना के आधार पर तत्कालीन विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक बी एस पैंकरा ने थाना लैलूंगा के अनुसार अपराध पंजीवद्ध कर घटना की विवेचना प्रारंभ की विवेचना उपरांत अभियुक्त अलवंन तिग्गा के अपराध किया जाना पाए जाने पर उसके विरुद्ध धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया था।
अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने विचारण के दौरान उभय पक्ष को सभी साक्षियों का परीक्षण प्रति परीक्षण का अवसर दिया तथा उभय पक्ष के तर्क श्रवण करने के पश्चात मामले में आरोपी अलवंन तिग्गा को उसकी पत्नी श्रीमती ग्रेस तिग्गा की हत्या का दोषी ठहराया और धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कारावास एवं 1000 के अर्थ दंड से दंडित किए जाने का दंडादेश दिया।
विद्वान न्यायालय ने मृतिका ग्रेस तिग्गा के आश्रितों को 100000 की क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की अनुशंसा की है मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।









