रायगढ़। छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले स्थित वेदांत प्लांट में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है, अभी भी कई मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है। जबकि 34 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
मंगलवार की दोपहर सक्ती जिले के सिंघीतराई इलाके में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट में अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतक के परिजनों बीती रात से लेकर आज दोपहर तक अपने-अपने परिजनों के शवों को ढूंढने अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। मेडिकल कालेज अस्पताल में जहां शवों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने एंबुलेंस वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। एक-एक करके शवों का पोस्टमार्टम उपरांत शव उनके गृह ग्राम भेजे जा रहे हैं। अभी भी मेडिकल कालेज अस्पताल में मृतकों के शवों का लाने का सिलसिला जारी है, झुलसे हुए लोगों की हालतों को देखते हुए देर शाम तक मृतकों की संख्या में और इजाफा होनें की भी बात कही जा रही है।
झारखंड के खूंटी जिले से आए दीपक कुमार की कहानी इस दर्दनाक स्थिति को बयां करती है। सूचना मिलने के बाद दीपक अपने साले की तलाश में रायगढ़ पहुंचे और एक के बाद एक अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। उन्होंने सबसे पहले फोर्टिस अस्पताल पहुंचकर जानकारी जुटाई, जहां उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने रायगढ़ के अन्य अस्पतालों में भी खोजबीन की। काकाजी डॉम को मिली जानकारी के अनुसार रात 3 बजे से शुरू हुई तलाश सुबह करीब 7ः30 बजे खत्म हुई।जब जिला अस्पताल में उन्हें अपने साले का पार्थिव शरीर मिला।
इस खबर के बाद उनके परिवार में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे के बाद एक अन्य परिजन विमल ने प्रबंधन पर सवाल उठाए और कहा की सुरक्षा की कमी की वजह से ज्यादा मौतें हुई है और हादसे के बाद जो व्यवस्था होनी थी नहीं हुई। घटना के बाद अब अन्य राज्यों से भी मजदूरों के परिजन रायगढ़ पहुंचने लगे हैं। सभी अपने घायल या मृत परिजनों की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।










