रायपुर के वृंदावन हॉल में 24 मई को आयोजित “बेटी अभिभावक सम्मान समारोह” श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम बन गया। कार्यक्रम में अलौकिक धाम से पधारे संतों ने अपने प्रेरणादायी शब्दों और आशीर्वचनों से उपस्थित संगत को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में संतों ने कहा कि जहां संतों के चरण पड़ते हैं, वह स्थान स्वयं मंदिर बन जाता है। उनके आध्यात्मिक संदेशों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
इस विशेष समारोह में उन बेटियों और उनके माता-पिता का सम्मान किया गया, जिन परिवारों में बेटियों को भाई का स्नेह नहीं मिल पाया है। समाज की ओर से उन्हें सम्मान और अपनापन देने की इस पहल को लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में कुल 62 परिवारों की माताओं और बेटियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
समारोह में सिंधी समाज के बड़ी संख्या में सम्मानित जन उपस्थित रहे और सभी ने बेटियों को आशीर्वाद देते हुए समाज में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का संदेश दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग ग्रुप की पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सहयोग ग्रुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदर देवानी, कार्यक्रम संयोजक महेश खिलनानी, महिला विंग की मुख्य कार्यक्रम संयोजिका दिया मूलचंदानी, कार्यक्रम समन्वयक ज्योति हुंदानी तथा कार्यक्रम निर्देशिका दिव्या आडवाणी ने पूरे आयोजन को व्यवस्थित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराया।
इसके अलावा सहयोग ग्रुप की महिला विंग की टीम और सहयोग परिवार के सदस्यों ने भी आयोजन को सफल बनाने में अहम योगदान दिया। कार्यक्रम में अंकित रोहरा, विष्णु रूपरेला, मनोहर टकरानी, विजय पंजाबी और मनीष पंजवानी सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सहयोग परिवार ने सभी अतिथियों, संतों, समाजजनों और उपस्थित परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बेटियों का सम्मान ही समाज की असली पहचान है।














