रायगढ़ । उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या में कटौती को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि गरीब महिलाओं को धुएं से मुक्ति और सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराने के नाम पर शुरू की गई योजना अब अपने मूल उद्देश्य से भटक चुकी है तथा सरकार गरीब परिवारों के साथ वादाखिलाफी कर रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वर्ष 2016 में उज्ज्वला योजना की शुरुआत करते समय देश की करोड़ों महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। योजना के तहत प्रतिवर्ष 12 सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन समय के साथ इस संख्या को पहले 9 और अब केवल 4 सिलेंडर प्रतिवर्ष तक सीमित कर दिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के हितों के विपरीत है तथा इससे लाखों परिवार प्रभावित होंगे।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने आरोप लगाया कि एक ओर घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर सब्सिडी में कटौती कर सरकार ने आम लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और घरेलू खर्चों के दबाव के बीच गरीब परिवारों के लिए गैस सिलेंडर रिफिल कराना कठिन होता जा रहा है। इसका सीधा असर महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में फिर से लकड़ी, उपले और अन्य पारंपरिक ईंधनों का उपयोग करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर तो करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन लाभार्थियों की वास्तविक समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। कांग्रेस का दावा है कि उज्ज्वला योजना के अनेक लाभार्थी नियमित रूप से गैस रिफिल नहीं करा पा रहे हैं, जिसके कारण योजना का उद्देश्य अधूरा रह गया है। महिलाओं को स्वच्छ ईंधन और बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराने का दावा आज जमीनी स्तर पर कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब योजना के तहत 12 सिलेंडरों का वादा किया गया था तो उसे घटाकर पहले 9 और फिर 4 क्यों कर दिया गया। चुनावी घोषणाओं और वास्तविक नीतियों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है तथा गरीब परिवारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने केंद्र सरकार से मांग की है कि उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बढ़ाई जाए, घरेलू गैस की कीमतों पर नियंत्रण लगाया जाए तथा गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि रसोई गैस आज किसी विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि हर परिवार की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है और इसे आम नागरिकों की पहुंच से दूर करना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।
जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पर्याप्त राहत नहीं दी, तो जनता के बीच इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।











