रायगढ़। रायगढ़ वन मंडल के अंतर्गत आने वाला जुनवानी बीट पिछले कई सालों से जंगली हाथियों का प्रमुख रहवास क्षेत्र बना हुआ है। यहां सालभर हाथियों के दल का विचरण बना रहता है। हाथियों की लगातार मौजूदगी के बावजूद वन विभाग की सतर्कता और ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय के चलते अब तक इस क्षेत्र में हाथियों के हमले से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। जिसे देखते हुए 15 अगस्त को प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने यहां के वन रक्षक पालू साहू को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।
रायगढ़ वन मंडल के जुनवानी बीट में पदस्थ वनरक्षक पालू साहू लंबे समय से वन्यजीवों और ग्रामीणों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। हाथियों की मौजूदगी के दौरान ग्रामीणों को सतर्क करना, उनके सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक जानकारी देना और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखना उनके नियमित कार्यों का हिस्सा रहा है। इसके अलावा हाथियों के कारण यहां के किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान के मामलों में भी वनरक्षक पालू साहू की सक्रियता सराहनीय रही है। फसल क्षति की सूचना मिलते ही उनके द्वारा मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया जाता है और प्रकरण को त्वरित निराकरण के लिए प्रस्तुत किया जाता रहा है। इससे प्रभावित किसानों को समय पर राहत और मुआवजा प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है।
हाथियों के रहवास क्षेत्र में लगातार ड्यूटी करते हुए वनरक्षक पालू साहू ने यह साबित किया है कि वन संरक्षण के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सराहनीय कार्य और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण को देखते हुए 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायगढ़ के मिनी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने वनरक्षक पालू साहू को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल उनके कार्यों की सराहना है, बल्कि वन विभाग के मैदानी अमले का हौसला बढ़ाने वाला कदम भी है।
जुनवानी बीट में हाथियों और ग्रामीणों के बीच टकराव को कम करने, किसानों की फसल क्षति का त्वरित आकलन करने और वन्यजीव संरक्षण के प्रति लगातार सक्रिय रहने वाले पालू साहू का सम्मान निश्चित तौर पर अन्य मैदानी कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी के सराहनीय कार्य
बताया जाता है कि रायगढ़ वन परिक्षेत्र में पदस्थ रेंजर संजय लकड़ा अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण, सक्रिय कार्यशैली और वन संरक्षण को लेकर लगातार किए जा रहे प्रयासों के कारण अलग पहचान बना रहे हैं। वन क्षेत्र की निगरानी से लेकर वन्यजीवों की सुरक्षा और मैदानी स्तर पर वन विभाग की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में उनकी भूमिका की लगातार सराहना की जा रही है। रायगढ़ रेंज के सभी कर्मचारी रेंजर संजय लकड़ा के कार्यशैली से काफी प्रभावित होकर काम करते आ रहे हैं।

इनको भी बेहतर काम के लिए मिला सम्मान
रायगढ़ के मिनी स्टेडियम में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में खरसिया रेंज के वनपाल विजय कुमार दीक्षित को वर्ष 2025-26 रापण वर्ष में परिसर रानीसागर अंतर्गत कक्ष क्रमांक 1188 पीएफ रकबा 10 हे. क्षेत्र में कुल 11000 नग पौधा लगाया गया था, जिसमें शिशु सांगौन, सरसईया, बचनार, बेल, हल्दू, नीम एवं बहेरा का रोपण करने, कचकोबा परिसर रक्षक सन्यासी सिदार कैंपा मद अंतर्गत वर्षा ऋतु 2026 में क्षतिपूर्ति पौधरोपण कचकोबा खसरा नंबर 468/26 एवं 497 रकबा 24.263 हे. क्षेत्र में 24263 पौधों का सफल पौधरोपण कराने, पूंजीपथरा परिसर रक्षक हुसनैन अली को उनके प्रभार के सीमाक्षेत्र तथा पूंजीपथरा परिसर अंतर्गत आने वाले वनक्षेत्रों में वन्यप्राणियों का रहवास है तथा वनक्षेत्र में जंगली हाथियों का आवागमन होता रहता है। वन्य प्राणियों एवं उनसे ग्रामीणों की सुरक्षा के सराहनीय कार्य के लिए, तमनार परिसर रक्षक सुशीला खड़िया को तमनार क्षेत्र में अवैध रूप से लकड़ी परिवहन करते हुए 02 नग ट्रॉ की जप्ती कर उनके द्वारा 02 वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है, जिसमें वाहन राजसात हेतु प्रस्तावित करने के अलावा पेलमा परिसर रक्षक अनिल कुमार को वनक्षेत्रों का भ्रमण कर उनके प्रभार के पेलमा परिसर अंतर्गत आने वाले वनक्षेत्रों की अवैध कटाई, अवैध उत्खनन एवं अवैध अतिक्रमण से सुरक्षित रखने में विशेष योगदान की भूमिका को देखते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।











