August 2, 2026

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छत्तीसगढ़ में नकली डेयरी उत्पादों पर एक साल का प्रतिबंध, सरकार का बड़ा फैसला खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने एनालॉग पनीर पर सख्ती के दिए निर्देश, उपभोक्ताओं को भ्रमित करने पर होगी कार्रवाई इनर व्हील क्लब ऑफ रायगढ़ सेंट्रल ने उत्साहपूर्वक मनाया फ्रेंडशिप डे रायगढ़ पुलिस को तमनार के चर्चित दोहरे हत्याकांड में मिली महत्वपूर्ण सफलता , चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा 20 साल के संघर्ष का असर! पीडब्ल्यूडी के आश्वासन के बाद खुला चक्का जाम, 15 अगस्त तक सड़क को चलने योग्य बनाने का वादा स्मार्ट मीटर हटाओ” अभियान का आगाज़, उपभोक्ताओं का फूटा आक्रोश – “यह स्मार्ट नहीं, बिजली बिल की लूट का मीटर है”
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गारे पालमा सेक्टर-01 के विरोध में जिंदल कर्मियों पर जानलेवा हमला, आगजनी, सुरक्षा प्रहरियों के लायसेंसी बंदूकें, माइनिंग सर्वे उपकरण, लैपटाॅप और अन्य कीमती सामग्रियों की लुट

तमनार- गारे पालमा सेक्टर- 01 को लेकर आयोजित लोकसुनवाई के विरोध में प्रभावित 14 ग्रामों के किसानों द्वारा 12 दिसम्बर से सीएचपी चैक लिबरा में चल रहे विरोध के दौरान आयोजित आर्थिक नाकेबंदी के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के साथ गाली गलौच, धक्का मुक्की एवं मारपीट करने के पश्चात् उपद्रवियों द्वारा सीएचपी कार्यालय का मुख्य द्वार तोडकर सीएचपी कार्यालय को पेट्रोल बम फेंककर आग के हवाले कर दिया गया। वहीं जिंदल पावर लिमिटेड तमनार के सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट कर, उन पर गैंती, फावड़ा से जानलेवा हमला किया गया तथा सुरक्षा प्रहरियों की लायसेंसी बंदूकें, माइनिंग सर्वे उपकरण, कम्प्यूटर, लैपटाॅप और अन्य कीमती सामग्रियों को लुट लिया गया। इस दौरान उपद्रवियों द्वारा जिंदल के वाहनों -कई बसें, एम्बूलेंस, ट्रेक्टर, मोटर साइकिल और कन्वेयर बेल्ट को आग लगा दिया गया।
संस्थान के सक्षम अधिकारियों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार नाकेबंदी के दौरान ग्रामीणों द्वारा जहाॅ मुआवजा और पर्यावरण को लेकर क्षेत्र में आवागमन बाधित किया गया। वहीं आर्थिक नाकेबंदी की आड़ में मौके का फाॅयदा उठाकर औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ आम जनजीवन को पूर्णरूप से बाधित किया। संबंधित ग्रामीणों द्वारा जिंदल के सुरक्षा कर्मियों के साथ जानलेवा हमलाकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जो अस्पताल में जिंदगी और मौत से जुझ रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाकेबंदी के दौरान ग्रामीणों द्वारा विशेषकर महिला आंदोलनकारियों को घातक हमला करने के लिये उकसाया गया। जिसके बाद आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान जिंदल कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, गाली गलौच करने एवं धारधार हथियार से हमला किया गया। हमले में श्री तारकेश्वर राय, श्री बिरखा बहादुर गुरूंग, श्री विश्वरंजन पटनायक, श्री कार्तिक स्वांई, श्री संदीप कुमार, श्री सुनील कुमार, श्री हिमांशु राज, श्री सोमबीर, श्री आंशिक सिंह, श्री सागर, श्री रत्नाकर साहु के साथ श्री युधिष्ठिर सा, एम्बूलंेस ड्राइवर जिंदल हास्पिटल के साथ 21 सुरक्षा कर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं। वर्तमान में घायलों को उपचार के लिए जिंदल हास्पिटल रायगढ़ में भर्ती कराया गया है। इतने में भी जब उपद्रवियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो वे निकट खड़े जिंदल के वाहनों -कई बसें, एम्बूलेंस, ट्रेक्टर, मोटर साइकिल के साथ सीएचपी के मुख्य द्वार को तोड़कर कार्यालय में भारी मात्रा में तोड-फोड़ करने के बाद कन्वेयर बेल्ट को आग के हवाले कर दिया गया। जिससे सीएचपी से जिंदल पावर को कोल सप्लाई पूरी तरह ठप्प हो गया। उपद्रवियों द्वारा कार्यालय में रखें सुरक्षा प्रहरियों के लायसेंसी बंदूकें, कंम्प्यूटर, लैपटाॅप, माइनिंग सर्वे उपकरण और अन्य कीमती सामग्रियों को लुट लिया गया।
गौरतलब हो कि जिंदल प्रबंधन ने घटना की घोर निंदा करते हुए कहा है कि विरोध के नाम पर हिंसा और कानून को हाथ में लेना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है। शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में ग्रामीणों द्वारा जो असंवैधानिक कार्यों को अंजाम दिया गया है, उसे कभी भी सत्याग्रह नहीं कहा जा सकता। संस्थान के अनुसार 3500 करोड़ की मुआवजा राशि और आरएण्ड पाॅलिसी, जिससे क्षेत्र के बच्चों, युवाओं, महिलाओं के साथ आम जनमानस की सर्वांगीण विकास निहित थी, उसे निजी स्वार्थ को भेंट करना शातिपूर्ण आंदोलन नहीं वरन कुछ राजनेताओं की सोची समझी साजिश है। ये राजनेता जो अपने आप को कथित रूप से विकासपुरूष घोषित किये थे। वे समाज सुधारक आज शांतिप्रिय ग्रामीणों को आंदोलन की आग में झोंककर स्वयं लुप्त हो गये हैं।
संस्थान ने ग्रामीणों द्वारा किये गये उपद्रव को अमानवीय कृत्य मानते हुए स्थानीय व जिला प्रशासन से जिंदल संस्थान, कार्यरत कर्मचारी एवं संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की मांग की है। वहीं प्रबंधन ने सीएचपी में आगजनी, सुरक्षा प्रहरियों के लायसेंसी बंदूकें, माइनिंग सर्वे उपकरण, लैपटाॅप और अन्य कीमती सामग्रियों की लुट पाट की एफआईआर तमनार थाने में दर्ज कराई है। विडम्बना है कि आज पर्यंत तक दोषियों को पकड़ा गया और न ही कोई कारवाई की गई है ?
वहीं स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा दोषियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। वहीं प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने, संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान की अपील की है तथा स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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