रायगढ़ । जिला कांग्रेस प्रवक्ता एवं मंडल अध्यक्ष रिंकी पाण्डेय ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में चलाया जा रहा तथाकथित “सुशासन तिहार” वास्तविक जनसमस्याओं के समाधान के बजाय सरकारी प्रचार अभियान बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गांव-गांव जाकर अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर रही है, जबकि ग्रामीण जनता आज भी पानी, सड़क, आवास, रोजगार और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
रिंकी पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री गांवों में चौपाल लगाकर सुशासन का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। उन्होंने महासमुंद जिले के कमरौद गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि एक महिला ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष शिकायत की कि उसे महतारी वंदन योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद उसे कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इससे सरकार के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर स्पष्ट होता है।
रिंकी पाण्डेय ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश में विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गंभीर बना हुआ है। जिले के अनेक गांवों में हैंडपंप खराब पड़े हैं और कई नल-जल योजनाएं बंद हैं। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है, लेकिन सरकार इस समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिखती।
रिंकी पाण्डेय ने आरोप लगाया कि पंचायतों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जिसके कारण सड़क, नाली, पुलिया, सामुदायिक भवन सहित अनेक निर्माण कार्य अधूरे हैं। कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी, आंगनबाड़ी केंद्रों में संसाधनों का अभाव तथा स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख समस्याएं बनी हुई हैं।
रिंकी पाण्डेय ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान ग्रामीण विकास, किसानों की समृद्धि और युवाओं को रोजगार देने के बड़े वादे किए थे, लेकिन अधिकांश वादे अब तक धरातल पर नजर नहीं आते। किसान खाद, बीज और सिंचाई की समस्याओं से जूझ रहे हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता रिंकी ने कांकेर जिले में सरपंचों द्वारा दिए गए सामूहिक इस्तीफों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना सरकार की ग्रामीण विकास नीतियों की विफलता को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि जब निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ही अपने अधिकारों और विकास कार्यों के लिए संघर्ष करना पड़े, तो यह शासन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जनता अब केवल भाषणों और प्रचार अभियानों से संतुष्ट नहीं होगी। लोगों को सड़क, पानी, बिजली, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं में वास्तविक सुधार चाहिए।
रिंकी पांडेय ने भाजपा सरकार के सुशासन तिहार कार्यक्रम को प्रदेश की जनता के साथ किया जाने वाला न केवल छलावा बताया और साय सरकार पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगते हुए ये खाकहा कि भाजपा का ये अभियान तभी सार्थक माना जाएगा जब ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो, पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिले और पंचायतों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने अपनी बात आगे रखते हुए ये भी कहा कि यदि सरकार ग्रामीण समस्याओं और महिलाओं से किए गए वादों की अनदेखी करती रही, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। रिंकी पांडेय ने जनता की आवाज सरकार के कानों पहुँचाते हुए दो टूक लहजे में कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता दिखावटी सुशासन नहीं, बल्कि जवाबदेह शासन चाहती है।











